विधानसभा सत्रः सरकार बनने के 12 दिन बाद आमने-सामने होंगे सत्तापक्ष और विपक्ष
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हिमाचल की 13वीं विधानसभा के पहले सत्र के लिए धर्मशाला का तपोवन तैयार है। सत्र को लेकर सभी तैयारियां पूरी कर ली गई है। हिमाचल की 13वीं विधानसभा का पहला सत्र मंगलवार से धर्मशाला के तपोवन में शुरू हो रहा है।
चार दिन तक चलने वाले इस सत्र के पहले दिन नवनिर्वाचित विधायक शपथ लेंगे। प्रोटेम स्पीकर रमेश धवाला विधायकों को शपथ दिलाएंगे। दूसरे दिन विधानसभा अध्यक्ष का चुनाव और राज्यपाल का अभिभाषण होगा। इसके बाद उपाध्यक्ष का चुनाव और राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा होगी।
सरकार बनने के 12 दिन बाद सत्तापक्ष और विपक्ष आमने-सामने होंगे। हालांकि, शीत सत्र के दौरान प्रश्नकाल नहीं होगा। अपने पहले विधानसभा सत्र के लिए मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर, उनके मंत्री और विपक्षी दल के विधायक सोमवार शाम को धर्मशाला पहुंच गए हैं।
सत्र के लिए बनाई अपनी-अपनी रणनीति
भाजपा और कांग्रेस ने विधायक दल की बैठकें कर सत्र के लिए अपनी-अपनी रणनीति बनाई। नवगठित विधानसभा के पहले सत्र की शुरुआत सदस्यों के शपथ ग्रहण समारोह से होगी। दिनभर शपथ ग्रहण समारोह चलेगा। 10 जनवरी को विधानसभा अध्यक्ष का चुनाव होगा।
अध्यक्ष पद के लिए नाहन से विधायक डॉ. राजीव बिंदल का नाम लगभग तय माना जा रहा है। बुधवार 12:30 बजे राज्यपाल अभिभाषण पढ़ेंगे। 11 जनवरी को सुबह 11 बजे शोक उद्गार के बाद उपाध्यक्ष का चुनाव होगा।
उसके बाद राज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव और सत्तापक्ष-विपक्ष अभिभाषण पर चर्चा करेंगे। 12 जनवरी को भी अभिभाषण पर चर्चा होगी और उसके बाद सदन की कार्यवाही अगली बैठक तक के लिए स्थगित कर दी जाएगी।
अभिभाषण पर रहेगी सबकी नजर
राज्यपाल के अभिभाषण पर आम लोगों के साथ ही विपक्ष की भी नजर रहेगी। सत्ता में आने से पहले भाजपा ने जिन मुद्दों पर अपना दृष्टिपत्र जारी किया था, उनमें से कई मुद्दों के अभिभाषण में शामिल होने की उम्मीद है।
इनमें कानून व्यवस्था सुधारने, वन माफिया, तबादला माफिया जैसे मसलों पर सरकार क्या कदम उठाएगी, इसकी जानकारी होगी। गुड़िया, अटल और होशियार सिंह हेल्पलाइन की भी जानकारी दी जा सकती है। नशे के कारोबार पर अंकुश लगाने, प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने और वित्तीय संकट से निपटने के उपायों का भी उल्लेख कर सकते हैं।
मंत्री-अफसर धर्मशाला रवाना, सचिवालय पड़ा सूना
प्रदेश सचिवालय में मंत्रियों के दफ्तरों के अलावा अतिरिक्त मुख्य सचिवों, प्रधान सचिवों, सचिवों आदि तमाम आला अधिकारियों के कार्यालयों में सन्नाटा छाया रहा। अब प्रदेश सचिवालय में दोबारा से रौनक अगले सप्ताह के बाद ही नजर आएगी, जब सरकारी अमला शिमला लौटेगा।
नई सरकार बनने के बाद बड़े दिनों से राज्य सचिवालय में एक तरह से हलचल बनी हुई थी, लेकिन सोमवार को यहां सूनापन ही ज्यादा नजर आया। मंत्रियों की कुर्सियां जहां खाली पड़ी रहीं, वहीं उनके निजी स्टाफ के कई अधिकारी और कर्मचारी भी यहां उपस्थित नहीं थे।
वे सब धर्मशाला की ओर रवाना हो चुके थे। राज्य सचिवालय के एलर्जली भवन में मंत्रियों के दफ्तरों में फोन सुनने के लिए या बाहर से आने वाले डाक देखने के लिए इक्का-दुक्का कर्मचारी ही बैठे रहे।
यही हाल आला अफसरों के कार्यालयों केे रहे। इसी तरह आर्म्सडेल भवन में भी आला अधिकारियों से लेकर अनुभाग अधिकारियों की कुर्सियां खाली थीं। बताया जा रहा है कि ये सभी भी धर्मशाला गए हैं।