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विधायक विनय कुमार के खिलाफ विजिलेंस जांच की तैयारी
Sun, 10 Nov 2019 10:54 AM IST
Krishan Singh
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
Published by: Krishan Singh
Updated Sun, 10 Nov 2019 10:54 AM IST
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वीरभद्र सरकार में मुख्य संसदीय सचिव रहे एवं रेणुकाजी से कांग्रेस विधायक विनय कुमार की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। प्रदेश सरकार ने विनय कुमार के खिलाफ विजिलेंस जांच की तैयारी है। विभाग ने भाजपा चार्जशीट में उन पर लगाए अवैध रूप से टीडी लेने के आरोप को सही पाने के बाद विजिलेंस जांच की सिफारिश कर दी है। साथ ही तत्कालीन अधिकारियों के खिलाफ भी गलत टीडी देने पर विभागीय कार्रवाई भी शुरू कर दी है।
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सत्तारूढ़ भाजपा ने पिछली सरकार के दौरान विपक्ष में रहते हुए राज्यपाल को कांग्रेस के 41 नेताओं के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए चार्जशीट सौंपी थी। चार्जशीट में जांच की मांग की थी, लेकिन तत्कालीन सरकार ने भाजपा चार्जशीट को ठंडे बस्ते में डाल दिया था। इसी चार्जशीट में विनय कुमार पर आरोप लगा था कि उन्होंने अपनी राजनीतिक पहुंच से सिरमौर के धारटीधार क्षेत्र के त्रिमोली में मकान बनाने के नाम पर अवैध रूप से शीशम के पेड़ों की टीडी ले ली।
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यह तब हुआ जब विनय का वहां टीडी का कोई अधिकार नहीं था, क्योंकि विनय मूलरूप से माइना बाग के रहने वाले हैं। ऐसे में जहां वन विभाग आम आदमी को दाह संस्कार और घरेलू उपयोग के लिए लकड़ी नहीं काटने देता, वहीं सीपीएस विनय कुमार को शीशम की लकड़ी टीडी कर दी गई। सूत्रों के अनुसार भाजपा सरकार बनने के बाद वन विभाग ने चार्जशीट के आरोपों की विभागीय जांच कराई तो इसमें विभागीय अधिकारियों की भी लापरवाही सामने आई। इसके बाद विभागीय कार्रवाई के साथ ही विनय के खिलाफ विजिलेंस जांच की सिफारिश भी कर दी है।
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मिड हिमालयन घोटाले की भी जांच
वन विभाग ने मिड हिमालयन प्रोजेक्ट की भी विजिलेंस जांच की सिफारिश कर दी है। इस घोटाले में प्रोजेक्ट के तहत विभिन्न तरह की खरीदारी की गई, जिसमें भारी अनियमितता की बात सामने आई है। इसके अलावा प्रोजेक्ट के तहत होने वाले कामों का आवंटन करने में भी अनियमितता बरती गई।