वीरभद्र सरकार पर बरसे धूमल, एचआरटीसी का मामला भी उठाया
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नेता प्रतिपक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल ने कहा कि कांग्रेस की चाल, चेहरे और चरित्र का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि हिमाचल के विकास के लिए मोदी सरकार ने अथाह राशि दी है, लेकिन कांग्रेस पार्टी धन्यवाद के दो शब्द तो दूर, मोदी सरकार के खिलाफ जनसभाओं का आयोजन कर रही है।
धूमल ने कहा कि किसी शायर ने ठीक ही कहा है - ‘जवानी में चाहे जोश न हो, बातों में चाहे होश न हो, लाख नुक्स भले हो इनसान में, पर वो अहसान फरामोश न हो।’ धूमल ने कहा कि केंद्र सरकार ने कभी भी भेदभाव की राजनीति नहीं की। कांग्रेस सरकार के केंद्र में रहते हुए हिमाचल के साथ भेदभाव हुआ है।
कांग्रेस नेताओं को यह बताना चाहिए कि यूपीए ने सत्ता में रहते हुए क्यों विशेष औद्योगिक पैकेज को हिमाचल से छीना ? धूमल ने कहा कि भले ही कांग्रेसी जितने चाहे आरोप लगा लें पर मोदी सरकार ने पूर्व में हिमाचल के साथ हुए सारे भेदभावों को दरकिनार करते हुए मात्र दो सालों में प्रदेश के आधारभूत विकास के लिए हजारों करोड़ रुपये उपलब्ध करवाए हैं।
सरकार बताए केंद्र ने कौन सी मांग पूरी नहीं की
धूमल ने चुनौती देते हुए कहा कि क्या आज कांग्रेस शपथ पत्र पर यह दावा कर सकती है कि उन्होंने मोदी सरकार के पास कोई योजना ऐसी भेजी हो जिसे मोदी सरकार ने स्वीकृत नहीं किया हो ?
वास्तविकता यह है कि अयोग्य नेतृत्व के चलते अधिकारी भी शिथिल पड़ गए हैं और प्रदेश से विभिन्न योजनाओं की डीपीआर केंद्र को समय पर भेजी ही नहीं जा रही है। आज अपनी असफ लताओं से घबराई कांग्रेस मोदी का विरोध कर रहे हैं।
धूमल ने कर्मचारियों के उत्पीड़न पर सरकार की निंदा की है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में कर्मचारियों की लोकतांत्रिक अधिकारों को कुचलने की कोशिश हो रही हैं। भामस से संबंध रखने वाले कर्मचारियों को जानबूझ कर प्रताड़ित किया जा रहा है। जहां 24 लोगों को बहाल किया गया है वहां अन्य 6 लोगों को भी बिना किसी शर्त के बहाल किया जाना चाहिए।