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राज्यपाल के समर्थन में आए धूमल, पढ़िए क्या कहा
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
Updated Fri, 06 Nov 2015 10:06 PM IST
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नेता प्रतिपक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल ने राजभवन और सरकार के बीच विवाद को अनावश्यक करार दिया है। उन्होंने कांग्रेस नेताओं से आग्रह किया कि वे प्रदेश के विकास और समस्याओं के प्रति राज्यपाल की कर्त्तव्यनिष्ठा और ईमानदार सोच का सम्मान करें।
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राजभवन स्पष्ट कर चुका है कि राज्यपाल और अधिकारियों की बैठक की सरकार को पहले से सूचना थी। ऐसे में राज्यपाल पद के संवैधानिक महत्व और गरिमा को देखते हुए मामले को मीडिया में ले जाने से बचना चाहिए था। मिल-बैठकर विवाद को यहीं खत्म कर देना चाहिए। धूमल ने कहा कि प्रदेश में व्याप्त सामाजिक समस्याओं और विकास के प्रति राज्यपाल की सोच सराहनीय है।
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नशाखोरी, जैविक खेती, गो पालन और पर्यटन एवं जातिवाद को लेकर अधिकारियों से राज्यपाल के संवाद के प्रति सरकार को सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाना चाहिए। अपने अधिकार क्षेत्र का अतिक्रमण मानने की बजाय सरकार को चाहिए कि राज्यपाल के सुझावों को सरकार की ओर से बनाई जा रही विकास नीतियों में प्राथमिकता दें।
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कहा कि राज्यपाल ने जिन समस्याओं के प्रति लोगों का ध्यान आकर्षित किया है, विशेषकर जैविक खेती, गो पालन, पर्यटन विकास, युवाओं में बढ़ती नशाखोरी तथा जातिवाद जैसी सामाजिक समस्याओं के प्रति सारा प्रदेश चिंतित है। अगर इन समस्याओं के समाधान के प्रति कोई भी पहल किसी की ओर से की जाती है तो किसी भी राजनेता को अथवा संबंधित व्यक्ति को बुरा नहीं मानना चाहिए। इन मसलों के निराकरण को दलगत राजनीति से ऊपर उठकर सभी को समान प्रयास करने होंगे।