सड़क तक नहीं पहुंच पाई एंबुलेंस तो स्टाफ ने जंगल में ही करवा दी डिलीवरी
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प्रसव पीड़ा से कराह रही महिला जब सड़क तक नहीं पहुंच पाई तो 108 एंबुलेंस के कर्मचारियों ने जंगल में ही सफल डिलीवरी करवा दी।
बहरहाल, जच्चा और बच्चा दोनों स्वस्थ हैं। यह मामला धारटीधार इलाके की पंजाहल पंचायत के कैलाश गांव का है। जानकारी के मुताबिक पंजाहल पंचायत के कैलाश गांव से शनिवार सुबह करीब 9 बजे एंबुलेंस को फोन आया।
डिलीवरी का मामला होने के कारण ईएमटी विक्रांत पुंडीर और पायलट देवेंद्र ने देरी किए बगैर 10:15 बजे कैलाश गांव के साथ सड़क पर एंबुलेंस को पहुंचा दिया। मरीज के तीमारदारों से संपर्क साधने पर पता चला कि मरीज सड़क से महज 700 मीटर की दूरी पर है।
स्टाफ ने ऐसे की मदद
इसके बाद एंबुलेंस कर्मी भी मौके पर पहुंच गए। प्रसव से कराह रही महिला आशा ने एंबुलेंस तक जाने से इनकार कर दिया। इस दौरान एंबुलेंस कर्मियों ने महिला की जंगल में ही सफल डिलीवरी करवा दी।
ईएमटी विक्रांत पुंडीर ने बताया कि गर्भवती महिला सड़क तक नहीं पहुंच पा रही थी। लिहाजा, वह मौके पर पहुंचे। तबीयत ज्यादा बिगड़ती देख महिला को वहीं प्रसव करवाना पड़ा।
उन्होंने बताया कि कैलाश गांव के मस्त राम की पत्नी आशा ने 10:25 पर बेटे को जन्म दिया। उन्होंने बताया कि डिलीवरी के बाद परिजनों ने नाहन अस्पताल आने से इनकार कर दिया। उन्होंने बताया कि जज्चा-बच्चा स्वस्थ हैं और अपने घर लौट गए हैं।