अस्पताल तक सड़क न होने के चलते सड़क पर कराना पड़ा प्रसव
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अस्पताल के लिए सड़क न होने की वजह से एक महिला का परिजनों को रास्ते में ही प्रसव कराना पड़ा। मामला हिमाचल के जिला कुल्लू के तराशी गांव का है, जहां आजादी के 69 साल बाद भी महज चार किलोमीटर सड़क नहीं बन पाई है।
लोगों ने सड़क के लिए बाकायदा जमीन दान की है पर अफसरशाही की लेटलतीफी से अब तक डीपीआर तक तैयार नहीं हो सकी है। गुस्साए ग्रामीणों ने अब चेतावनी दी है कि सड़क का काम शुरू न किया तो आने वाले विधानसभा चुनाव में नोटा का बटन दबाएंगे।
प्रधान विजय ठाकुर ने रास्ते में प्रसव की घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि जमीन लोनिवि के नाम कर दी है लेकिन सड़क बनाने का काम शुरू नहीं हो पाया है। उन्होंने बताया कि रास्ते में प्रसव का हाल ही के वर्षों में यह 11वां मामला है।
सड़क नहीं, आए दिन झेलनी पड़ती है परेशानियां
उल्लेखनीय है कि सड़क सुविधा के लिए तरसते काईन, बंदल, तराशी व दचानी के ग्रामीणों को जंगल के रास्ते सड़क तक पहुंचने के लिए पैदल चलकर कटराईं या पतलीकूहल आना पड़ता है।
स्थानीय निवासी जनक राज, गौतम, सुरेंद्र, शेर सिंह, राज कुमार, सचिन ठाकुर व अभिषेक ठाकुर का कहना है कि सभी राजनीतिक पार्टियों के नेता सड़क के नाम पर वोट मांगते हैं, लेकिन मामला आगे नहीं बढ़ पाता। इन्होंने कहा कि यदि इस सड़क का कार्य शीघ्र शुरू न किया गया तो वे आने वाले विधानसभा चुनावों में नोटा विकल्प चुनेंगे।
तैयार की जा रही डीपीआर
लोनिवि के अधीक्षण अभियंता ललित भूषण का कहना है कि सड़क की डीपीआर समेत अन्य औपचारिकताओं के पूरा होते ही सड़क का काम शुरू कर दिया जाएगा। विधायक गोविंद ठाकुर का कहना है कि सड़क की डीपीआर तैयार की जा रही है, जल्द ही काम शुरू हो जाएगा। मनाली ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष भुवनेश्वर गौड़ ने कहा कि सड़क बनाने के लिए डीपीआर तैयार करवाई जा रही है।