सर्द-गर्म मौसम से आलू में लगा ये रोग, खराब हो रही फसल
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मौसम के सर्द गर्म होने से आलू की फसल में पछेती झुलसा रोग लगना शुरू हो गया है। आलू की फसल अभी तैयार होने लग गई है और जिला शिमला में यह रोग दिखाई देने लग गया है। पछेती झुलसा रोग लगने के कारण आलू की फसल खराब हो रही है।
यह रोग आलू की ग्रोथ रोक रहा है और पौधा फैलने से पहले ही खत्म हो रहा है। ऐसे में किसान आलू की फसल के रोग को नष्ट करने के लिए कार्य कर रहे हैं। किसान आलू की फसल में कीटनाशक का छिड़काव कर रहे हैं, जो हानिकारक हो सकते हैं।
तरह तरह के छिड़काव से यह बीमारी ज्यादा फैल सकती है। जिले में इन दिनों कृमि नामक संक्रमण भी फैला है, जो ज्यादातर आलू की खेती के लिए हानिकारक होता है। यह संक्रमण आलू की खेती को जड़ से नष्ट कर देता है। पैदावार भी बहुत कम होती है।
कृमि से बचने के लिए कृषि विभाग ने कुफरी और फागू से आने वाले बीज को कृषि विभाग ने बंद कर दिया है। कुछ साल तक यहां का बीज किसानों को नहीं मिलेगा। ऐसे में जिस क्षेत्र की मिट्टी में कृमि नामक वायरस फैला है, वहां किसानों को आलू की खेती से निराशा का सामना भी करना पड़ सकता है।
ऐसे करें बचाव
कैसे फैलता है रोग
पछेती झुलसा रोग मौसम के कारण फैलता है। जब मौसम बहुत ज्यादा गर्म हो और अचानक ठंडा हो जाए और फिर से गर्म हो जाए तो यह रोग ज्यादा फैल जाता है। यह रोग कृमि नामक वायरस या अनेक प्रकार के कीटनाशकों के छिड़काव से भी ज्यादा फैल सकता है।
कैसे करें पहचान
पछेती झुलसा रोग की पहचान दूर से ही हो जाती है। इस रोग के कारण पौधे की पत्तीयां पिली पड़ जाती हैं। यह रोग पत्ते के नीचे से शुरू होता है और पौधे की जड़ तक फैल जाता है। इससे आलू का पौधा ग्रोथ नहीं कर पाता।
लू के पौधे अगर पिले पलना शुरू हो गए हैं तो किसानों को रिडोमिल गोल्ड एम जैड पाउडर का एक लिटर पानी के साथ ढाई ग्राम पाउडर मिलकर छिड़काव करें। ध्यान रखें कि जब मौसम अनुकूल हो या शाम को धूप ढलने के बाद ही इस कीटनाशक का छिड़काव करें। आलू में यह रोग एक दो पौधे में शुरू हुआ है तो वह डायथेन एम 45 कीटनाशक का छिड़काव कर लें।
पछेदा झुलसा रोग का खतरा बना आलू : भवानी
जिला कृषि अधिकारी मोहेंद्र सिंह भवानी ने बताया कि आलू में इन दिनों पछेती झुलसा रोग लगाना शुरू हो गया है। इस रोग का जल्द इलाज करना बहुत जरूरी है नहीं तो यह रोग आलू की पूरी खेती को नष्ट कर सकता है या आलू की पैदा वार कम हो सकती है।