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Shimla News: नारी शक्ति सम्मेलन को लेकर नगर निगम में गरमाई सियासत
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तीन ही पार्षदों को शामिल करने पर उठे सवाल
आरोपी, चंडीगढ़ में हुए सम्मेलन की सूचना तक नहीं दी
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। चंडीगढ़ में आयोजित नारी शक्ति सम्मेलन को लेकर नगर निगम शिमला में सियासत गरमा गई है। चार से छह अप्रैल तक आयोजित इस सम्मेलन में उप महापौर उमा कौशल की अगुवाई में तीन पार्षदों ने हिस्सा लिया। इनमें कांग्रेस पार्षद शीनम कटारिया, ममता चंदेल और भाजपा पार्षद मीना चौहान शामिल रहीं।
बाकी पार्षदों को इस सम्मेलन के लिए न तो बुलाया गया और न ही सूचना दी गई। इस पर कांग्रेस समेत भाजपा की कई महिला पार्षदों ने सवाल उठा दिए हैं। इनका कहना है कि नगर निगम को सभी महिला पार्षदों से बात कर इस पर सहमति लेनी चाहिए थी। सिर्फ चहेते पार्षदों को ही इस सम्मेलन के लिए बुलाया गया। पार्षद आशा शर्मा, कमलेश मेहता, सरोज ठाकुर समेत कांग्रेस के कई पार्षदों ने इस पर सवाल उठाए। उधर उपमहापौर उमा कौशल ने कहा कि सम्मेलन में तीन महिला पार्षदों को ही शामिल किया जा सकता था। इस दौरान शिमला में सैहब की एजीएम भी थी। इसलिए कई पार्षदों ने इसमें हिस्सा लिया। उन्होंने कहा कि सम्मेलन में किसे भेजना है, इस पर महापौर ने पार्षदों से बात की है। इस मामले पर राजनीति सही नहीं है। उन्होंने कहा कि सम्मेलन में महिला नेत्रियों ने अपने अनुभव साझा किए और अपने अपने शहरों में महिलाओं के लिए चलाई जा रही योजनाओं, उनके कार्यान्वयन में महिला नेत्रियों की भूमिका पर भी विस्तृत चर्चा की गई है।
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आरोपी, चंडीगढ़ में हुए सम्मेलन की सूचना तक नहीं दी
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। चंडीगढ़ में आयोजित नारी शक्ति सम्मेलन को लेकर नगर निगम शिमला में सियासत गरमा गई है। चार से छह अप्रैल तक आयोजित इस सम्मेलन में उप महापौर उमा कौशल की अगुवाई में तीन पार्षदों ने हिस्सा लिया। इनमें कांग्रेस पार्षद शीनम कटारिया, ममता चंदेल और भाजपा पार्षद मीना चौहान शामिल रहीं।
बाकी पार्षदों को इस सम्मेलन के लिए न तो बुलाया गया और न ही सूचना दी गई। इस पर कांग्रेस समेत भाजपा की कई महिला पार्षदों ने सवाल उठा दिए हैं। इनका कहना है कि नगर निगम को सभी महिला पार्षदों से बात कर इस पर सहमति लेनी चाहिए थी। सिर्फ चहेते पार्षदों को ही इस सम्मेलन के लिए बुलाया गया। पार्षद आशा शर्मा, कमलेश मेहता, सरोज ठाकुर समेत कांग्रेस के कई पार्षदों ने इस पर सवाल उठाए। उधर उपमहापौर उमा कौशल ने कहा कि सम्मेलन में तीन महिला पार्षदों को ही शामिल किया जा सकता था। इस दौरान शिमला में सैहब की एजीएम भी थी। इसलिए कई पार्षदों ने इसमें हिस्सा लिया। उन्होंने कहा कि सम्मेलन में किसे भेजना है, इस पर महापौर ने पार्षदों से बात की है। इस मामले पर राजनीति सही नहीं है। उन्होंने कहा कि सम्मेलन में महिला नेत्रियों ने अपने अनुभव साझा किए और अपने अपने शहरों में महिलाओं के लिए चलाई जा रही योजनाओं, उनके कार्यान्वयन में महिला नेत्रियों की भूमिका पर भी विस्तृत चर्चा की गई है।
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