गोदामों में छापे, लाखों का चावल जब्त, यहां जानिए पूरा मामला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
चावल की एक ब्रांडेड कंपनी के ट्रेड मार्क और ब्रांड का इस्तेमाल कर कारोबार करने वाली फर्म के गोदामों में छापामारी की गई है। दिल्ली से आई एक संयुक्त जांच टीम ने नादौन में दो बड़े कारोबारियों के गोदामों में रखा चावल का लाखों रुपये का स्टॉक सील कर दिया है।
एसआईटी ने नादौन के अलावा लुधियाना और होशियारपुर में भी कार्रवाई की है। आरोप है कि हरियाली बासमती चावल कंपनी से मिलते जुलते नाम का इस्तेमाल कर गैर कानूनी कारोबार किया जा रहा था। इस मामले की जांच को दिल्ली के पटियाला हाउस कोर्ट ने एसआईटी गठन के आदेश जारी किए थे।
कोर्ट की ओर से नियुक्त लोकल कमिश्नर राज कुमार शर्मा और कंपनी के वकील वीरेंद्र सिन्हा ने बताया कि यह मामला ट्रेड मार्क और कंपनी ब्रांड के दुरुपयोग का है। केजी बंसल एंड कंपनी द्वारा शिकायत की गई थी कि उनके ट्रेड मार्क तथा ब्रांड के नाम से एक कंपनी कई राज्यों में चावल का कारोबार कर रही है।
उन्होंने बताया कि हरियाली कंपनी की पैकिंग पर अधिकतम विक्रय मूल्य 1050 रुपये अंकित है, जबकि कंपनी का ट्रेड मार्क 714611 अंकित है। लेकिन दूसरी पैकिंग पर ट्रेड मार्क अंकित नहीं है।
असली हरियाली का नाम दर्शाकर एेसे किया धोखा
विक्रय मूल्य 900 रुपये अंकित किया गया है। हरियाली कंपनी के अधिवक्ता वीरेंद्र सिन्हा ने बताया कि केजी बंसल एंड कंपनी अपना ब्रांड वर्ष 1993 से प्रयोग कर रहे हैं। दूसरी कंपनी ने उनके ब्रांड के नाम पर न्यू, प्लस तथा असली हरियाली का नाम दर्शाकर ग्राहकों से धोखा किया है।
उन्होंने बताया कि हरियाली कंपनी के चावल अच्छी किस्म और गुणवत्ता के हैं। जबकि उनके नाम पर बेचे जा रहे चावल गुणवत्ता के आधार पर उनके बराबर नहीं हैं।
वीरेंद्र सिन्हा ने बताया कि पटियाला हाउस दिल्ली के न्यायाधीश एडीजे सुमित दास के ओदशानुसार जब्त माल को सीज करके व्यापारियों के सुपुर्द कर दिया गया है।
रिपोर्ट बना कर कोर्ट में पेश की जाएगी, जहां संबंधित कंपनी से आगामी पूछताछ की जाएगी। इस संबंध में नादौन के व्यापारियों ने बताया कि उन्होंने कंपनी द्वारा उपलब्ध करवाए गए माल को ही बेचा है और इसके लिए ऑनलाइन पेेमेंट की गई है।