Himachal News: हजारों अस्थायी-अनुबंध कर्मचारी नियमित, धरने पर बैठे नौ वोकेशनल शिक्षक बर्खास्त
सरकारी स्कूलों में कार्यरत वोकेशनल शिक्षक राजधानी शिमला के चौड़ा मैदान में अनिश्चितकालीन क्रमिक अनशन पर बैठे हैं।
विस्तार
हिमाचल सरकार ने हजारों अनुबंध और अस्थायी कर्मचारियों को नियमित करने के आदेश जारी कर दिए हैं। इनमें 31 मार्च को दो साल का अनुबंध सेवाकाल पूरा करने वाले और चार साल की निरंतर सेवा पूरी करने वाले दैनिक वेतनभोगी व आकस्मिक कर्मी शामिल हैं। मंगलवार को कार्मिक विभाग ने इसकी अधिसूचना जारी कर सभी विभागों को नियमितीकरण की प्रक्रिया पूरी करने के लिए कहा है। इसी बीच, शिमला में मांगों को लेकर धरने पर बैठे वोकेशनल शिक्षक संघ के नौ पदाधिकारी शिक्षकों को निजी कंपनियों ने बर्खास्त कर दिया है।
मंगलवार को अवर सचिव (कार्मिक) की ओर से जारी पत्र में स्पष्ट किया गया कि अनुबंध कर्मचारियों को वरिष्ठता अनुसार उपलब्ध रिक्तियों के आधार पर नियमित किया जाएगा। कर्मचारियों को प्रारंभिक अनुबंध नियुक्ति के समय भर्ती और पदोन्नति नियमों के अनुसार पात्रता मानदंड पूरा करने होंगे। नियमितीकरण प्रक्रिया में प्रचलित सेवा नियमों के अनुसार चिकित्सा फिटनेस प्रमाणपत्र प्राप्त करना और वित्तीय नियमों में उल्लिखित चरित्र और पूर्ववृत्त का सत्यापन भी शामिल होगा। हर विभाग को नियमितीकरण के लिए अनुबंध कर्मचारियों की पात्रता का मूल्यांकन करने के लिए एक स्क्रीनिंग कमेटी गठित करने का निर्देश दिया है।
उधर, जिन दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों ने प्रति कैलेंडर वर्ष कम से कम 240 दिन सेवाएं दी हैं या जनजातीय क्षेत्रों में रहे हैं, वे नियमितीकरण के लिए पात्र होंगे। किन्नौर, लाहौल-स्पीति और भरमौर जैसे क्षेत्रों में कार्य दिवसों में विशेष छूट प्रदान की जाएगी। नियमितीकरण पूरी तरह से वरिष्ठता और फिटनेस पर आधारित होगा, जिसमें कोई नया पद नहीं बनाया जाएगा। प्रारंभिक नियुक्ति के समय निर्धारित न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता आवश्यक है। नए पदों के सृजन या अतिरिक्त निधियों की मांग के बिना मौजूदा रिक्तियों के विरुद्ध नियमितीकरण किया जाएगा। नियमित कर्मचारी राज्य के भीतर कहीं भी पोस्टिंग के लिए उत्तरदायी होंगे।
आठ अप्रैल तक स्कूलों में उपस्थित न होने वाले वोकेशनल शिक्षक बर्खास्त
निजी कंपनियों को हटाने की मांग पर क्रमिक अनशन पर बैठे सरकारी स्कूलों में आउटसोर्स पर नियुक्त नौ वोकेशनल शिक्षकों को निजी कंपनियों ने नौकरी से बर्खास्त कर दिया है। आठ अप्रैल तक स्कूलों में उपस्थित नहीं होने पर वोकेशनल शिक्षक संघ के नाै राज्य पदाधिकारियों पर यह कार्रवाई हुई है। राजधानी शिमला के चौड़ा मैदान में 30 मार्च से शिक्षकों का क्रमिक अनशन जारी है। शिक्षक संघ निजी कंपनियों की जगह शिक्षा विभाग के माध्यम से उन्हें नियुक्त करने की मांग कर रहा है। वोकेशनल प्रशिक्षक संघ के अध्यक्ष अश्विनी डढवालिया ने कहा कि कंपनियां मनमानी कर रही हैं।
शिक्षकों को ई मेल कर 48 घंटे के भीतर स्कूलों में पद ग्रहण करने का अल्टीमेटम दिया जा रहा है। ऐसा न करने पर नौकरी से बर्खास्तगी की बात कही गई है। उन्होंने कहा कि शिक्षकों को कारण बताओ नोटिस जारी नहीं किए गए। कंपनियां प्रदर्शन को कुचलने के लिए हथकंडे अपना रही हैं। अध्यक्ष ने बताया कि उनका आंदोलन तब तक जारी रहेगा, जब तक सरकार उनकी मांगों को पूरा नहीं करती है। कंपनियों को बाहर कर उन्हें समग्र शिक्षा से ही वेतन दिया जाना चाहिए और शिक्षा विभाग ही नियुक्तियां करे। हरियाणा में प्रशिक्षक सोसायटी के तहत काम कर रहे हैं। इससे कंपनियों को दी जाने वाली कमीशन में बचत हो रही है। इसी तर्ज पर हिमाचल में भी वोकेशनल शिक्षा को समग्र शिक्षा की सोसायटी में लाया जाए।
विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप पठानिया से मिला व्यावसायिक शिक्षक संघ
वहीं, व्यावसायिक शिक्षक संघ का प्रतिनिधिमंडल विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप पठानिया से मिला। अध्यक्ष ने शिक्षकों की मांगों को गौर से सुना और हर संभव सहायता प्रदान के लिए प्रदान करने के लिए आश्वासन दिया और कहा कि आपकी मांग को शिक्षा मंत्री और मुख्यमंत्री के समक्ष रखेंगे और जल्द ही हड़ताल को खत्म करने के लिए वार्ता का एक प्रक्रिया शुरू करेंगे।
