शहीद की पत्नी ने मोदी से लगाई इंसाफ की गुहार, पीएमओ ने लिया कड़ा संज्ञान
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शहीद की पत्नी को मानसिक रूप से प्रताड़ित करने की शिकायत पर प्रधानमंत्री कार्यालय ने कड़ा संज्ञान लिया है। मामला हिमाचल के मंडी जिल का है। चच्योट तहसील की थरजून पंचायत के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला कयोलीधार में शहीद यश कुमार की प्रतिमा का अनादर और विधवा पत्नी को मानसिक रूप से प्रताड़ित करने की शिकायत पर प्रधानमंत्री कार्यालय ने कड़ा संज्ञान लिया है।
इस मामले में पीएमओ ने प्रदेश के मुख्य सचिव से शहीद की विधवा ढमेश्वरी देवी की शिकायत पर जवाब तलब किया है। उच्च शिक्षा निदेशालय ने शिक्षा उप निदेशक मंडी से मामले की जांच कर दस दिन के भीतर रिपोर्ट देने के आदेश दिए हैं। थरजून पंचायत के बह गांव निवासी ढमेश्वरी देवी ने सरकारी स्कूल केयोलीधार में लगाई गई शहीद पति यश कुमार की प्रतिमा का अनादर और प्रताड़ित करने
को लेकर 16 अगस्त 2016 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र के माध्यम से लिखित शिकायत भेजी थी। ढमेश्वरी देवी का कहना है कि अपने खर्चे पर स्कूल में शहीद पति की प्रतिमा का निर्माण करवाया लेकिन पंचायत ने प्रतिमा के आगे स्कूल के कमरे का निर्माण शुरू किया।
पूर्व प्रधान व एसएमसी पर प्रताड़ित करने का आरोप
प्रशासन से शिकायत करने के बाद कमरे का काम बंद किया गया लेकिन प्रतिमा के आगे की गई खुदाई को आज तक बंद नहीं किया। ढमेश्वरी देवी ने प्रधानमंत्री को भेजी शिकायत में पंचायत के पूर्व प्रधान व एसएमसी पर प्रताड़ित करने का आरोप लगाकर कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है।
शिकायत पर पीएमओ के सेक्शन आफिसर ने पत्र जारी कर प्रदेश के मुख्य सचिव से जवाब तलब किया। पीएमओ के संज्ञान लेने पर शिक्षा निदेशालय ने 14 सितंबर को आदेश जारी कर उपनिदेशक मंडी से तथ्यों के साथ दस दिन के भीतर जांच रिपोर्ट मांगी है।
तीन साल तक कार्रवाई नहीं हुई तो पीएम को लिखा पत्र
राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला केयोलीधार में वर्ष 2013-14 में थरजून पंचायत के माध्यम से एक लाख की लागत से स्कूल में एक कमरे का निर्माण शुरू किया, जो स्कूल के प्रवेश द्वार के साथ है। दूसरी तरफ स्टेज बना हुआ है। स्टेज के पीछे स्कूल का दो मंजिला भवन है। इस भवन के साथ ही शहीद की प्रतिमा लगी हुई है।
प्रतिमा के साथ ही कमरे का निर्माण करने पर शहीद की पत्नी ढमेश्वरी ने प्रशासन से शिकायत की। 17 फरवरी 2016 को उप निदेशक मंडी ने स्कूल में जांच की। उन्होंने पाया कि कमरे के निर्माण से शहीद की प्रतिमा ढक रही है। लिहाजा कमरे का निर्माण खाली जगह पर किया। कमरे के निर्माण के लिए नींव की खुदाई कर दी गई। जिसके बाद से काम बंद पड़ा है। इस पर पंचायत ने 20 से 25 हजार रुपये तक खर्च कर दिए थे।
क्या कहते हैं एसएमसी और पंचायत प्रतिनिधि
थरजून पंचायत के पूर्व प्रधान और वर्तमान में उपप्रधान डोला राम, एसएमसी प्रधान महेश कुमार का कहना है कि वर्ष 2013-14 में पंचायत के माध्यम से स्कूल में कमरे का काम शुरू किया गया। नींव खोदने के बाद कमरे का काम बंद किया गया। शहीद की शहादत का सम्मान वे भी करते हैं। उन्होंने कहा कि शहीद की पत्नी की ओर से लगाए गए प्रताड़ना के आरोप निराधार है।
तीन साल तक कार्रवाई नहीं हुई तो पीएम को लिखा पत्र
ढमेश्वरी देवी का कहना है कि सितंबर 2012 में उत्तराखंड में ग्लेशियर गिरने से उसके पति यश कुमार शहीद हो गए थे। केयोलीधार स्कूल में एक लाख 30 हजार खर्च कर शहीद पति की प्रतिमा स्थापित की। प्रतिमा के आगे पंचायत की ओर से कमरे का निर्माण किया गया। तीन साल बीत जाने के बाद कोई कार्रवाई न होने पर प्रधानमंत्री को पत्र भेज कर न्याय की गुहार लगाई है।