पीएम मोदी ने हिमाचल के उद्योगों के लिए 2027 तक दी बड़ी छूट
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मोदी सरकार ने हिमाचल में उद्योगों के लिए टैक्स रियायत दस साल के लिए बढ़ा दी है। इस कर छूट का फायदा सूबे के करीब हजार उद्योगों को मिलेगा। जिन उद्योगों को केंद्रीय आबकारी शुल्क में 31 मार्च 2017 तक छूट दी जा रही थी, जीएसटी लागू होने के बाद उन्हें सीजीएसटी और आईजीएसटी में छूट दी गई है।
यह छूट जुलाई 2017 से मार्च 2027 तक मिलेगी। जीएसटी लागू होने के बाद जिन उद्योगों से सीजीएसटी और आईजीएसटी लिया गया है, उन्हें रिफंड किया जाएगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आर्थिक मामलों की कैबिनेट कमेटी ने जम्मू एवं कश्मीर,
उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और राज्य में स्थित उपयुक्त औद्योगिक इकाइयों के लिए माल और सेवा कर व्यवस्था के तहत बजट सहायता प्रदान करने की योजना को मंजूरी दी है। इसी योजना में 10 साल के लिए कर छूट की व्यवस्था का प्रावधान किया गया है। जीएसटी के लागू होने के बाद से केंद्र्रीय उत्पाद शुल्क कानून को रद्द कर दिया गया था।
रिफंड होगा पैसा
जीएसटी लागू होने के बाद जिन उद्योगों से केंद्रीय उत्पाद शुल्क के स्थान पर सीजीएसटी अथवा आईजीएसटी लिया जा रहा था, उन्हें इसे रिफंड करने का फैसला लिया गया है। छह सप्ताह के भीतर योजना के कार्यान्वयन के लिए विस्तृत परिचालन दिशा-निर्देश दिए गए हैं।
इन सब राज्यों के लिए इस स्कीम में 27,413 करोड़ रुपये का बजटीय प्रावधान होगा। पूर्वोत्तर राज्यों में स्थित ऐसी औद्योगिक इकाइयों के लिए एक जुलाई 2017 से 31 मार्च 2027 तक की अवधि के लिए अनुमोदित किए गए हैं, जो जीएसटी लागू होने से पहले केंद्रीय उत्पाद शुल्क छूट का लाभ उठाते हैं।
भारत सरकार ने सिक्किम सहित उत्तर पूर्व राज्यों के लिए उत्तर पूर्व औद्योगिक और निवेश संवर्द्धन नीति (एनईआईआईपीपी) 2007 को जम्मू-कश्मीर, उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश के लिए विशेष श्रेणी के राज्यों के लिए पैकेज लागू किया था। यह योजना 31 मार्च 2017 तक लागू थी।