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Himachal: प्रभावितों का दर्द सुनकर नम हो गईं प्रधानमंत्री की आंखें, दो मिनट तक हो गए मौन, महिला भी फफक पड़ीं

Wed, 10 Sep 2025 10:14 AM IST
Krishan Singh प्रवीन प्रकाश कुमार, धर्मशाला।
प्रवीन प्रकाश कुमार, धर्मशाला। Published by: Krishan Singh Updated Wed, 10 Sep 2025 10:14 AM IST
सार

आपदा में अपना सब कुछ खोने वाली एक साल की नितिका से मिलकर पीएम बेहद भावुक हो गए। पहले तो उन्होंने बच्ची से दुलार किया और फिर उसे गोदी में उठा लिया। 

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pm modi eyes became moist after listening to the pain of the affected people, there was silence for two minute
प्रभावितों का दर्द सुनकर नम हो गईं पीएम मोदी की आंखें, महिला भी फफक पड़ीं। - फोटो : संवाद

विस्तार

 हिमाचल प्रदेश में आई आपदा से प्रभावित लोगों से पीएम मोदी ने कांगड़ा हवाई अड्डा परिसर में सबसे पहले मुलाकात की। उन्होंने प्रभावितों से बात की और एक-एक करके उनकी दुख तकलीफों को जाना। आपदा में अपना सब कुछ खोने वाली एक साल की नितिका से मिलकर पीएम बेहद भावुक हो गए। पहले तो उन्होंने बच्ची से दुलार किया और फिर उसे गोदी में उठा लिया। काफी देर तक उसे पुचकारते रहे। उसके माता-पिता और दादी की आपदा में मौत होने और अभी बुआ के पास ही होने की बात सुन उनकी आंखों में आंसू आ गए। बच्ची को वापस देने के बाद प्रधानमंत्री तकरीबन दो मिनट तक मौन हो गए। किसी से बात नहीं की। प्रधानमंत्री को देख अन्य प्रभावित भी भावुक हो गए। उधर, एक पीडि़त महिला भी आपदा की दास्तां सुनाते मोदी के सामने फफक पड़ीं।

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बता दें कि जिला चंबा के 13, मंडी के 4 और कुल्लू के 2 आपदा प्रभावित लोगों ने भी अपना दुखड़ा सुनाया। प्रभावितों ने बताया कि भारी बारिश ने उनका सब कुछ छीन लिया। उनकी आंखों के सामने भूस्खलन से उनके आशियाने जमींदोज हो गए। अब वे पंचायत घर और अस्थायी शेड में रहने के लिए मजबूर हैं। उनकी मदद की जाए। प्रधानमंत्री ने प्रभावितों की समस्याओं को सुना और हरसंभव सहायता करने का आश्वासन दिया। चंबा के मैहला के सुतांह गांव के संजय कुमार ने कहा कि घर के ऊपर चट्टान गिरने से दामाद और बेटी की मौत हो गई। घर पूरी तरह दब गया है।

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अब हम पंचायत घर में रह रहे हैं। अब आप सहायता करें। कुल्लू जिला से आपदा प्रभावित पतलीकूहल के बनोन निवासी सुरेंद्र सिंह ने कहा कि उनकी पतलीकूहल में ब्यास नदी की बाढ़ में आठ बीघा जमीन बह गई। उनके सेब, प्लम, आडू व जापानी फल के करीब 300 पौधे बह गए हैं। कौश के करीब 200 पेड़ भी ब्यास में समा गए। इस पर मोदी ने कहा कि केंद्र व प्रदेश सरकार मिलकर आपदा प्रभावित लोगों की भरपूर मदद करेगी। सुरेंद्र ने कहा कि उन्होंने सोचा भी नहीं था कि वह पीएम मोदी से मिलेंगे। कहा कि प्रधानमंत्री ने आपदा प्रभावित सभी लोगों की बातों को ध्यान से सुना और इससे निपटने का आश्वासन दिया। उन्होंने पतलीकूहल में ब्यास किनारे आरसीसी की सुरक्षा दीवार लगाने की बात कही।

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कृष्णा देवी ने पीएम के समक्ष बहू को नौकरी देने की उठाई मांग
मंडी शहर के जेल रोड निवासी आपदा प्रभावित कृष्णा देवी ने पीएम के समक्ष परिवार के पालन पोषण के लिए बहू को नौकरी देने की मांग उठाई। जेल रोड में बरपी आपदा में कृष्णा देवी ने बेटे, बहू व पोते को खोया है। कृष्णा ने बताया कि पीएम ने आश्वासन दिया कि वह प्रभावितों की हरसंभव मदद करेंगे। जिन लोगों के मकान, जमीनें प्रभावित हुई है, उन्हें दोबारा बसाने के प्रबंध किए जाएंगे। जिन आपदा प्रभावितों को अभी तक कोई राहत नहीं मिली है, उन्हें शीघ्र राहत राशि दी जाएगी। कृष्णा ने कहा कि बड़े बेटे की आपदा में टांग टूट चुकी है। उसकी पत्नी, बेटा व छोटा भाई आपदा में बह गए हैं। घर में अब केवल छोटी बहू व उसके बच्चे हैं। 

किसने, क्या कहा
हमारा गांव शहर से चार किलोमीटर दूरी पर है। पंचायत करियां के दरकेटी गांव में जमीन धंसने के चलते मकानों को नुकसान हुआ है। पूरा परिवार तिरपाल के नीचे रह रहा है। सरकार उचित सहायता करे। -परस राम, दरकेटी, करियां

भारी बारिश के कारण होली का सलून गांव पूरी तरह भूस्खलन की जद में आ गया है। आठ परिवार बेघर हो गए हैं। प्रधानमंत्री ने आश्वासन दिया है कि केंद्र और राज्य सरकार प्रभावितों की उचित सहायता करेगी। -संतोष कुमार, होली

मेरी पंचायत में बादल फटने से बहुत ज्यादा नुकसान हुआ है। लोगों के घर पानी में बह गए हैं। हम पंचायत घर में रहने को मजबूर हैं। केंद्र और प्रदेश सरकार हमारी सहायता करे।-सुभाष कुमार, कुफियाणी, ओहरा, चंबा

मेरे पटोल गांव में जमीन धंस गई है। घर पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए हैं। क्षतिग्रस्त घर के चलते हम अपने रिश्तेदारों के यहां गुजर-बसर कर रहे हैं। पीएम साहब आप जल्द हमें राहत दें।-दिलदार, पटोल, चरोड़ी, चंबा

भारी बारिश के कारण मेरा बसोधन गांव में जगह धंस गई है। इससे घरों को बहुत ज्यादा नुकसान हुआ है। हम रिश्तेदारों के घर पर शरण लेने को मजबूर हैं। पीएम सर आप सहायता करें।-प्रदीप कुमार, बसोधन, चंबा

पीड़ितों को राहत देने के लिए केंद्र से तत्काल अतिरिक्त मदद की जरूरत : सुक्खू
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से आग्रह किया कि आपदा पीड़ितों को राहत देने के लिए केंद्र से तत्काल अतिरिक्त मदद की आवश्यकता है। हिमाचल प्रदेश में इस बार आपदा ने बड़ी तबाही मचाई है, इसलिए प्रभावित परिवारों को बसाने और राहत देने के लिए मौजूदा नियमों में बदलाव करना अनिवार्य है। सुक्खू ने प्रधानमंत्री को दी गई प्रेजेंटेशन में कहा कि प्रभावित परिवारों को बसाने के लिए वन भूमि में कम से कम एक बीघा जमीन उपलब्ध करवाने की अनुमति दी जाए। प्रदेश की 68 फीसदी भूमि वन क्षेत्र में दर्ज है, जिसके कारण मुख्यमंत्री या केंद्रीय मंत्री भी सीधे जमीन नहीं दे सकते। ऐसे में नियमों में संशोधन आवश्यक है। उन्होंने यह भी कहा कि आपदा में लापता लोगों का मृत्यु प्रमाणपत्र सात वर्ष बाद जारी होता है, जबकि पीड़ित परिवार तुरंत राहत चाहते हैं। इस प्रक्रिया को सरल और त्वरित करने की मांग भी रखी गई।

 

प्रधानमंत्री के साथ बैठक के बाद मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री ने आपदा की गंभीरता को देखते हुए 1500 करोड़ रुपये देने की बात कही है। अब यह देखना होगा कि यह राशि विशेष पैकेज के रूप में मिलती है या किसी योजना के तहत उपलब्ध करवाई जाती है। इसके साथ ही राज्य सरकार ने दो प्रतिशत अतिरिक्त उधार सीमा की अनुमति देने का भी अनुरोध किया है, ताकि पुनर्निर्माण और राहत कार्य तेजी से पूरे हो सकें। सुक्खू ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी हिमाचल प्रदेश को अपना दूसरा घर मानते हैं और राज्य के हालात से भली-भांति परिचित हैं। इस दौरान मुख्यमंत्री ने प्रदेश में सुरंग आधारित सड़कों के निर्माण का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि कालका-शिमला रेलमार्ग पर 103 सुरंगें हैं, जिसके कारण यह मार्ग कभी बंद नहीं होता। उसी तर्ज पर पठानकोट-मनाली सड़क मार्ग और भुभू जोत टनल का निर्माण करने की मांग रखी गई। इससे मनाली सीधे कांगड़ा से जुड़ सकेगा और आपदा की स्थिति में सड़क मार्ग सुगम रहेगा। सुक्खू ने बताया कि प्रधानमंत्री ने एक घंटे तक उनकी प्रेजेंटेशन को गंभीरता से सुना और हर बिंदु पर विचार करने का आश्वासन दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की नदियों और खड्डों में खनन संबंधी मुद्दे भी उठाए गए। आपदा प्रबंधन में हुई प्रशासनिक त्रुटियों की ओर भी ध्यान दिलाया गया, जिस पर प्रधानमंत्री ने अधिकारियों को सुधारात्मक कदम उठाने के निर्देश दिए।

किसी ने अनुमान भी नहीं लगाया था, उतना दे गए पीएम: शुक्ल
धर्मशाला। राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने कहा कि किसी ने अनुमान भी नहीं लगाया था, उतना फौरी राहत के तौर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हिमाचल को दे गए। साथ ही आश्वासन दिया है कि आपदा नुकसान के आकलन के लिए पहुंचीं केंद्रीय टीमों की रिपोर्ट के आधार पर भी राहत प्रदान की जाएगी। प्रधानमंत्री के साथ आयोजित समीक्षा बैठक के बाद गगल एयरपोर्ट पर पत्रकाराें से बातचीत के दौरान राज्यपाल ने कहा कि प्रदेश में आई आपदा की पूरी विस्तृत रिपोर्ट मुख्य सचिव की ओर से प्रधानमंत्री के समक्ष रखी गई। साथ ही सीएम सुखविंद्र सिंह सुक्खू और नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने भी पीएम को नुकसान के बारे में अवगत करवाने सहित अन्य मुद्दे उठाए। 

राहत ही नहीं, हिम्मत भी दे गए प्रधानमंत्री : जयराम
 प्रदेश में आपदा से हुए नुकसान का जायजा लेने पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने आभार प्रकट किया। मंगलवार को गगल में उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री न केवल आपदा का सीधा आकलन करने के लिए प्रदेश पहुंचे, बल्कि दिल्ली लौटने से पहले ही हिमाचल को 1500 करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता भी तत्काल प्रदान की। जयराम ने कहा कि आपदा के दौरान प्रदेश का दौरा करने वाले नरेंद्र मोदी पहले प्रधानमंत्री हैं। उन्होंने प्रभावित परिवारों का दुख साझा करने के साथ-साथ उन्हें हिम्मत और हौसला भी दिया। नेता प्रतिपक्ष ने बताया कि 2023 से लगातार प्रदेश में आई त्रासदी में 371 लोगों की जान गई, 41 लोग अभी भी लापता हैं और सैकड़ों परिवार बेघर हो गए हैं। हजारों बीघा कृषि और बागवानी की भूमि भी बर्बाद हो गई है। बंद पड़ीं सड़कों के कारण सेब और अन्य फसलें नष्ट हो रही हैं।

उन्होंने प्रधानमंत्री से आग्रह किया कि बेघर हुए लोगों को घर बनाने के लिए भूमि उपलब्ध कराने के लिए फॉरेस्ट कंजर्वेशन एक्ट में संशोधन किया जाए। इस पर प्रधानमंत्री ने सहानुभूतिपूर्वक विचार करने का आश्वासन दिया है। जयराम ठाकुर ने कहा कि अब यह राज्य सरकार की जिम्मेदारी है कि केंद्र के साथ समन्वय स्थापित कर लोगों को राहत और पुनर्वास में किसी प्रकार की दिक्कत न आने दे। उन्होंने कहा कि केंद्र से मिली 1500 करोड़ रुपये की राहत राशि पूरी तरह प्रभावित लोगों की मदद और उनके पुनर्वास पर ही खर्च होनी चाहिए। सरकार को यह सुनिश्चित करना होगा कि यह राशि किसी अन्य मद में व्यय न हो। उन्होंने मुख्यमंत्री सुक्खू और कांग्रेस पार्टी के नेताओं से अपील की कि वह भी प्रधानमंत्री का आभार व्यक्त करें। जयराम ने कहा कि केंद्र सरकार हमेशा हिमाचल के साथ खड़ी रही है और आगे भी खड़ी रहेगी।

प्रधानमंत्री का हिमाचल के प्रति विशेष स्नेह : अनुराग
शिमला। पूर्व केंद्रीय मंत्री और सांसद अनुराग सिंह ठाकुर ने हिमाचल प्रदेश को 1500 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता देने के लिए प्रधानमंत्री मोदी का आभार जताया है। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक आपदा से जूझ रहे हिमाचल के लिए वित्तीय सहायता जख्मों पर मरहम स्वरूप है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का हिमाचल के प्रति विशेष स्नेह है और सदा हिमाचल के सुख-दुख में साथ खड़े रहते हैं। आज प्रधानमंत्री ने देवभूमि हिमाचल आकर प्राकृतिक आपदा के पीड़ितों से मिलकर उनका दुख साझा कर मनोबल बढ़ाया है। 

आपदा की घड़ी में हिमाचल की जनता के साथ पीएम : बिंदल
शिमला। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने कहा कि प्रधानमंत्री ने आपदा प्रभावित परिवारों से व्यक्तिगत मुलाकात की। मंडी, कुल्लू, सैंज और चंबा से कुछ परिवार आए थे। इनकी वेदनाओं को सुनकर प्रधानमंत्री की भी आंखें भर आईं। प्रधानमंत्री ने पीड़ित परिवारों को आश्वस्त किया कि हम प्रदेश की सरकार के साथ आपकी हर प्रकार की मदद में साथ खड़े हैं। प्रदेश में आई यह आपदा प्रदेश और केंद्र की अलग-अलग नहीं है, बल्कि इकट्ठी है। डाॅ. बिंदल ने बताया कि प्रधानमंत्री ने कहा कि हिमाचल मेरे लिए दूसरा घर है। मैं हिमाचल के लोगों का कर्जदार हूं। मैंने हिमाचल के विभिन्न क्षेत्रों में जाकर लोगों के घरों का अन्न, जल ग्रहण किया है। इस आपदा की घड़ी में हिमाचल की जनता के साथ खड़ा हूं। बिंदल ने बताया कि प्रधानमंत्री ने मुख्यमंत्री को आश्वस्त करते हुए कहा कि जो भी विषय विस्तार के साथ केंद्र सरकार के समक्ष आएगा, हम हर प्रकार की सहायता करेंगे। 

प्रधानमंत्री को प्रदेश के हर कोने की पूरी जानकारी : कंगना
धर्मशाला। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हिमाचल में आपदा का जायजा लिया है। प्रधानमंत्री आंखों में आंसू लेकर प्रदेशभर के पीड़ितों से मिले हैं। यह बात मंडी संसदीय क्षेत्र की सांसद कंगना रणौत ने मंगलवार को गगल एयरपोर्ट पर पत्रकारों से कही। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने उनसे मिलने आए हर पीड़ित से मुलाकात कर उन्हें हरसंभव सहायता का आश्वासन दिया है। प्रधानमंत्री को प्रदेश के हर कोने की पूरी जानकारी है। इसके अलावा जो पीड़ित लोग नहीं पहुंच सके हैं, उनके दुख-दर्द को भी साझा किया है। कंगना ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रदेश में हुए नुकसान को लेकर राहत भरा पैकेज दिया है, जिससे प्रदेश में हुए नुकसान की कुछ भरपाई की जा सकेगी। 

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