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धूमल बोले- कांग्रेस ने 317 वायदे किए थे, 200 को छुआ तक नहीं, सदन में गूंजे ये 6 मामले

Tue, 07 Mar 2017 04:31 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला Updated Tue, 07 Mar 2017 04:31 PM IST
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PK Dhumal Target HP Govt on Election Manifesto of Congress.

राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा की शुरूआत करते हुए नेता प्रतिपक्ष प्रेमकुमार धूमल ने कहा कि कांग्रेस सरकार ने अपने घोषणापत्र में 317 वादे किए थे और इनमें से करीब 200 वादों को छुआ तक नहीं है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार की ओर से राज्यपाल से भी ये पढ़वा दिया गया कि कांग्रेस चुनाव घोषणापत्र के राज्य सरकार ने सभी वायदे पूरे किए हैं, जबकि ये सच नहीं है।

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उन्होंने कहा कि सरकार ने सदन में गुमराह किया है। नेता प्रतिपक्ष प्रेमकुमार धूमल ने कहा कि सरकार ने राज्यपाल को जो अभिभाषण दिया, उसमें असत्य था, इसलिए राज्यपाल ने शुरू में ही असतो मा सद्गमय कहा। उन्होंने कहा कि वीरभद्र सिंह सरकार केवल मात्र घोषणाओं की सरकार बनकर रह गई है। उन्होंने कहा कि प्रदेश को आज जुगाड़ू नहीं, जुझारू सरकार की जरूरत है।
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उन्होंने कहा कि राज्य में लोकसेवा आयोग और स्टाफ सेलेक्शन कमीशन केमाध्यम से भर्ती न होकर बैकडोर भर्ती की जा रही है। उन्होंने कहा कि सीएम की बात सही लगती है कि चुनाव घोषणापत्र अनुभवहीन लोगों ने बनाया है। इसमें कहा गया है किविदेशी सेब पर आयात शुल्क को तीन गुणा बढ़ाया जाएगा।  जिसने यह लिखा है, वह चुनाव घोषणापत्र बनाते वक्त केंद्रमें मंत्री थे और आयात शुल्क का मामला भी उनके पास था औरउन्होंने पूर्व मंत्री नरेंद्र बरागटा के एक पत्र के जवाब में 2011 में कहा था कि आयात शुल्क को और नहीं बढ़ाया जा सकता।
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यह अधिकतम 50 फीसदी हो सकता है और इतना लग रहा है। लेकिन 2012 में वही नेता चुनाव घोषणापत्र में कहते हैं कि इसे तीन गुणा बढ़ाया जाएगा।  उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने कृषि कमीशन के गठन की बात कही थी। उन्होंने बैंकों के लिए स्कूल बोर्ड के माध्यम से भर्ती करवाने पर सवाल उठाया और कहा कि जो बोर्ड अपनी परीक्षाएं ठीक से नहीं करवा पा रहा है, उससे बैंकों की भर्ती की परीक्षाएं करवाई जा रही हैं। उन्हाेंने ये भी दावा किया कि प्रदेश में पर्यटकों की संख्या में गिरावट आई है। धूमल ने कहा कि एक घोषणा ये भी की कि सुंदरनगर में ऐरोप्लेन की वर्कशॉप बनेगी, जबकि वहां हवाई अड्डा ही नहीं है। उन्होंने अभिभाषण पर चर्चा का विरोध करते हुए अपना अभिभाषण खत्म किया। 

सरकार नहीं जानती आउटसोर्स कर्मचारियों की असल संख्या

PK Dhumal Target HP Govt on Election Manifesto of Congress.

सूबे के मुख्यमंत्री ने भले ही हाल में हुए आउटसोर्स कर्मचारियों के सम्मेलन में उनके लिए जल्द नीति बनाने का एलान किया हो लेकिन अभी तक सरकार प्रदेश में विभिन्न विभागों में कार्यरत आउटसोर्स कर्मचारियों की सही संख्या का पता भी नहीं लगा सकी है। विधायक जयराम ठाकुर और विनोद कुमार की ओर से पूछे गए सवाल के जवाब से यह बात सामने आई है।

दोनों विधायकों ने सरकार से पूछा था कि प्रदेश में विभिन्न विभागों में कितने आउटसोर्स कर्मचारी कार्यरत हैं और इनके लिए सरकार क्या नीति बनाने पर विचार कर रही है। सरकार की ओर से खुद मुख्यमंत्री ने इसका जवाब दिया। जवाब में कहा कि अभी आउटसोर्स कर्मचारियों की संख्या की जानकारी इकट्ठा की जा रही है।

उन्होंने कहा कि इन कर्मचारियों को नियमित करने के लिए पॉलिसी बनाने पर विचार किया जा रहा है। विधायकों ने संख्या न पता होने पर हैरानी जताई और सरकार से विस्तृत जानकारी देने की मांग की लेकिन मुख्यमंत्री ने नीति संबंधी कोई जानकारी विस्तार से नहीं दी।

निजी तकनीकी कॉलेजों की जांच कराएगी सरकार 

PK Dhumal Target HP Govt on Election Manifesto of Congress.

मानकों पर खरे न उतरने वाले प्रदेश के निजी तकनीकी शिक्षा संस्थानों की मान्यता रद्द हो सकती है। विधानसभा में प्रश्नकाल के दौरान पूछे गए एक सवाल के जवाब में तकनीकी शिक्षा मंत्री जीएस बाली ने कहा कि जल्द ही एक उच्च स्तरीय कमेटी बनाकर प्रदेश के ऐसे कॉलेजों की गुणवत्ता जांची जाएगी। जो कॉलेज मानक पर खरे नहीं उतरेंगे, उनकी मान्यता रद्द की जाएगी।

दरअसल, विधायक संजय रतन ने तकनीकी शिक्षा संस्थानों में कितनी सीटें हैं और कितनी सीटें प्रवेश के लिए खाली रही, इसकी जानकारी मांगी थी। इस पर सरकार की ओर से जो आंकड़ा दिया गया, उससे साफ हुआ कि सरकारी संस्थानों की अपेक्षा निजी संस्थानों में सीटें ज्यादा खाली रहती हैं। इस पर संजय ने सवाल किया कि प्रवेश के दौरान छूट देने में देरी की वजह से बड़ी संख्या में हिमाचली छात्रों को दूसरे राज्यों में पढ़ाई करनी पड़ती है।

ऐसे में प्रवेश के दौरान छूट देने की व्यवस्था पहले से ही की जाए ताकि बच्चों को दिक्कत न हो। जवाब में बाली ने कहा कि प्रदेश सरकार का जोर छात्रों की संख्या से ज्यादा पढ़ाई की गुणवत्ता पर है। चूंकि निजी संस्थान गुणवत्ता नहीं बनाए रख पाते इसलिए लोग बच्चों का एडमिशन नहीं कराते और सीटें खाली रह जाती हैं।

मुख्यमंत्री खेत संरक्षण योजना में होगा बदलाव 

PK Dhumal Target HP Govt on Election Manifesto of Congress.

फसलों को नुकसान रोकने के लिए मुख्यमंत्री खेत संरक्षण योजना में सरकार बदलाव करेगी। विस में प्रश्नकाल के दौरान विधायक कुलदीप कुमार के सवाल पर कृषि मंत्री सुजान सिंह पठानिया ने कहा कि अगर लोग करंट वाली बाड़ बंदी नहीं चाहते तो योजना में कुछ बदलाव किए जा सकते हैं। कहा कि वर्तमान में फेंसिंग के साथ सोलर लाइट और करंट की व्यवस्था रहती है।

चूंकि, यह योजना सामुदायिक है इसलिए लोगों को साथ होना जरूरी है। वहीं, विधायक राकेश कालिया ने कहा कि योजना की लागत ज्यादा है और लोग करंट वाली तार नहीं लगवाना चाहते। ऐसे में सरकार को बदलाव करना चाहिए।

इस पर मंत्री ने कहा कि लोगों के साथ होने से बाड़बंदी में कम खर्च आएगा। साथ ही आश्वासन दिया कि योजना में जरूरी बदलाव किए जाएंगे। हालांकि वह योजना के बजट के लिए जरूरी मिनिमम भूमि की जानकारी सदन को नहीं दे सके।

अग्रसेन विवि में नियुक्ति के प्रस्ताव पर विपक्ष ने सत्ता पक्ष को घेरा

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विधानसभा में सोमवार को एक बड़ी रोचक घटना हुई। मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने जब महाराजा अग्रसेन विश्वविद्यालय में दो विधानसभा सदस्यों की नियुक्ति का प्रस्ताव रखा तो इस पर सदन में भाजपा के मुख्य सचेतक सुरेश भारद्वाज ने आपत्ति जताते हुए कहा कि यह सही नहीं है। उन्होंने कहा कि प्रस्ताव में दो सदस्यों को सदन में चुने जाने की बात है जबकि इस बारे में चुनाव की प्रक्रिया को नहीं अपनाया जा रहा है। सदन में विपक्ष के 27 सदस्य हैं। इनमें से भी सदस्य बनाए जा सकते हैं या फिर निर्दलीय विधायकों को भी मौका दिया जा सकता है। 

नेता प्रतिपक्ष प्रेम कुमार धूमल का भी कहना था कि प्रस्ताव की शब्दावली होती है। सदन चुनेगा या अध्यक्ष को अधिकृत करेगा। इस प्रस्ताव को या तो विदड्रा कर मंगलवार को लाया जाए या फिर इसे संशोधित किया जाए। उन्होंने कहा कि चुनाव की जगह मनोनयन लिखा जाना चाहिए था। वरना इसका मतलब यह होगा कि सदन में चुनाव होना चाहिए। विधायक रविंद्र सिंह रवि ने भी चुनाव पर जोर डाला।

विपक्ष ने इस प्रस्ताव को अगले दिन मंगलवार को पेश करने को कहा। सत्ता पक्ष की तरफ  से संसदीय कार्य मंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि पूर्व में भी इस तरह की तैनातियां निजी विश्वविद्यालयों में होती रही हैं। इस पर आपत्ति है तो इसे सीएम संशोधित रूप में पेश कर सकते हैं। मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने कहा कि सदन इन सदस्यों के मनोनयन के लिए स्पीकर को अधिकृत करता है। इसके बाद सदन में इसे संशोधित रूप में रखे जाने के बाद ध्वनिमत से पारित किया गया।

सीएम वीरभद्र और भाजपा विधायक विक्रम में नोकझोंक

PK Dhumal Target HP Govt on Election Manifesto of Congress.

प्रश्नकाल के दौरान राजकीय महाविद्यालयों को खोलने और प्राथमिक व माध्यमिक विद्यालयों के भवनों में महाविद्यालय की कक्षाएं चलाने को लेकर मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह और भाजपा विधायक विक्रम सिंह के बीच जमकर नोकझोंक हुई। विक्रम सिंह के सवाल के जवाब में मुख्यमंत्री ने बताया कि राजकीय महाविद्यालय डाडासीबा की कक्षाएं राजकीय प्र्राथमिक विद्यालय के भवन में जून 2015 से और राजकीय महाविद्यालय रक्कड़ की कक्षाएं राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय के भवन में जून 2016 से चल रही हैं।

दोनों कॉलेजों के निर्माण के लिए पांच-पांच करोड़ की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई है। हालांकि, रक्कड़ के लिए महज एक लाख रुपये जारी करने और उसे देहरा की बजाय फतेहपुर लोक निर्माण विभाग को देने पर सवाल उठाए। सीएम ने पैसा देहरा ब्लॉक में भेजने की बात कही।

विवाद बढ़ा तो मुख्यमंत्री ने कहा कि अकेला क्षेत्र है, जहां तीन-तीन मेडिकल कॉलेज खोले गए लेकिन आज तक कभी शुक्रिया नहीं अदा किया। इस पर विक्रम ने पलटवार करते हुए कहा कि प्राइमरी स्कूलों में डिग्री कॉलेज खोलने पर किस बात का शुक्रिया कहा जाए।

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