धूमल बोले, अधरंग का शिकार हो गई है वीरभद्र सरकार
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कांग्रेस नेता जयराम रमेश पर पलटवार करने के बाद हिमाचल के पूर्व सीएम व विपक्ष के नेता प्रेम कुमार धूमल ने अब राज्य की कांग्रेस सरकार पर हमला बोला है। धूमल ने कहा है कि प्रदेश की कांग्रेस सरकार नीतिगत अधरंग का शिकार हो चुकी है। सरकार में व्याप्त भ्रष्टाचार, लालफीताशाही और निर्णय लेने में अक्षमता की वजह से प्रदेश में निवेश का स्तर लगभग शून्य हो गया है।
नये और बड़े निवेशकों द्वारा निवेश न किए जाने और पुराने उद्योगपतियों द्वारा प्रदेश छोड़कर कहीं और निवेश करने से प्रदेश के विकास का मार्ग लगभग अवरुद्ध हो गया है। प्रदेश में 11 लाख बेरोजगारों की एक फौज खड़ी हो गई है।
प्रो. धूमल ने कहा कि पिछले ढाई वर्षों में सरकार द्वारा 1100 मेगावाट की 35 से अधिक जलविद्युत परियोजनाऐं विज्ञापित की गई लेकिन यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि प्रदेश सरकार के असहयोग व नकारात्मक रवैये के कारण कोई भी निवेशक इन योजनाओं में निवेश करने के लिए तैयार नहीं है।
कहा, झूठे आंकड़ों से मंत्री थपथपा रहे अपने गाल
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस सरकार के लचर रवैये के कारण निवेशकों में हिमाचल प्रदेश की छवि एक अमित्र राज्य के रूप में बनती जा रही है। झूठे आंकड़े के साथ मंत्रीगण भले ही अपने गाल थपथपाते रहे।
लेकिन वास्तविकता यह है कि हमेशा प्रथम पंक्ति के राज्यों में रहने वाला प्रदेश वित्त मंत्रालय की एक समिति के ताजा रिपोट के अनुसार वर्तमान वित्तीय वर्ष द्वितीय तिमाही में निजी निवेशकों को हतोत्साहित करने वाला पश्चिम बंगाल के पश्चात दूसरा राज्य बन गया है और यह प्रदेश के लिए शर्मनाक स्थिति है।
उन्होंने कहा कि अपनी अक्षमताओं का दोष हमेशा केंद्र पर मढ़ने की कांग्रेस की पुरानी परीपाटी रही है। निवेशकों को प्रदेश में अनुकूल माहौल मिले इसके लिए कांग्रेस सरकार को किसने रोक रखा है? बद्दी, नालागढ़, काला अंब से कई उद्योगपति या तो पलायन कर चुके हैं या पलायन करने वाली स्थिति में है। उनको हिमाचल में रोकने के लिए सरकार ने कोई योजना नहीं बनाई है।