{"_id":"5b5706fa4f1c1b827d8b475e","slug":"pgts-will-not-teach-student-of-six-to-ninth-class-in-himachal","type":"story","status":"publish","title_hn":"हिमाचल में छठी से आठवीं कक्षा तक नहीं पढ़ाएंगे पीजीटी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हिमाचल में छठी से आठवीं कक्षा तक नहीं पढ़ाएंगे पीजीटी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
Updated Tue, 24 Jul 2018 04:31 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
प्रदेश स्नातकोत्तर अध्यापक संघ के अध्यक्ष चितरंजन कालटा ने कहा कि पीजीटी छठी, सातवीं और आठवीं कक्षा को नहीं पढ़ाएंगे। मंगलवार को शिमला में प्रेसवार्ता में कालटा ने बताया कि सोमवार शाम को शिक्षा मंत्री सुरेश भारद्वाज से साथ
सचिवालय में हुई बैठक में स्पष्ट किया गया कि छठी से आठवीं की कक्षाएं प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय में आती हैं। ऐसे में पीजीटी इन कक्षाओं को नहीं पढ़ाएंगे। प्रवक्ता पदनाम की मुख्य मांग पर सहमति बन गई है।
पीजीटी को बिना किसी शर्त के प्रवक्ता पदनाम देने की मांग सरकार के समक्ष रखी गई। सरकार से मांग रखी गई कि 26 अप्रैल 2010 से पहले की स्थिति और पदोन्नति एवं भर्ती नियमों में बदलाव किया जाए।
विज्ञापन
शिक्षा विभाग ने इस मामले को आगामी कैबिनेट बैठक में लाने का आश्वासन दिया है। शिक्षा मंत्री सुरेश भारद्वाज ने भी इसको लेकर सहमति दी है।
उन्होंने कहा कि यदि प्रवक्ता पदनाम नहीं मिलता है तो पीजीटी संख्या के आधार पर प्रधानाचार्य पदोन्नति के लिए संघर्षरत रहेंगे।
पीजीटी संघ के अध्यक्ष ने कहा कि बैठक में पीजीटी की वरिष्ठता सूची जल्द जारी करने, ग्रेड वेतन पांच हजार दिया जाए, नए वेतन आयोग की सिफारिशों को जल्द लागू किया जाए और वरिष्ठ माध्यमिक पाठशालाओं में उप प्रधानाचार्य के पद सृजित करने की मांग भी उठाई गई। उन्होंने बताया कि बैठक में अधिकांश मांगों को लेकर शिक्षा मंत्री का सकारात्मक रवैया रहा है।
विज्ञापन
सचिवालय में हुई बैठक में स्पष्ट किया गया कि छठी से आठवीं की कक्षाएं प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय में आती हैं। ऐसे में पीजीटी इन कक्षाओं को नहीं पढ़ाएंगे। प्रवक्ता पदनाम की मुख्य मांग पर सहमति बन गई है।
विज्ञापन
पीजीटी को बिना किसी शर्त के प्रवक्ता पदनाम देने की मांग सरकार के समक्ष रखी गई। सरकार से मांग रखी गई कि 26 अप्रैल 2010 से पहले की स्थिति और पदोन्नति एवं भर्ती नियमों में बदलाव किया जाए।
विज्ञापन
शिक्षा विभाग ने इस मामले को आगामी कैबिनेट बैठक में लाने का आश्वासन दिया है। शिक्षा मंत्री सुरेश भारद्वाज ने भी इसको लेकर सहमति दी है।
उन्होंने कहा कि यदि प्रवक्ता पदनाम नहीं मिलता है तो पीजीटी संख्या के आधार पर प्रधानाचार्य पदोन्नति के लिए संघर्षरत रहेंगे।
पीजीटी संघ के अध्यक्ष ने कहा कि बैठक में पीजीटी की वरिष्ठता सूची जल्द जारी करने, ग्रेड वेतन पांच हजार दिया जाए, नए वेतन आयोग की सिफारिशों को जल्द लागू किया जाए और वरिष्ठ माध्यमिक पाठशालाओं में उप प्रधानाचार्य के पद सृजित करने की मांग भी उठाई गई। उन्होंने बताया कि बैठक में अधिकांश मांगों को लेकर शिक्षा मंत्री का सकारात्मक रवैया रहा है।