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Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Hamirpur (Himachal) News ›   person Bought VIP registration number of Rs 1.5 lakh for a motorcycle worth Rs 52 thousand

52 हजार की बाइक, डेढ़ लाख का वीआईपी नंबर, पढ़ें पूरा मामला

Wed, 16 Dec 2020 11:55 AM IST
Krishan Singh प्रवीण कुमार, अमर उजाला, हमीरपुर
प्रवीण कुमार, अमर उजाला, हमीरपुर Published by: Krishan Singh Updated Wed, 16 Dec 2020 11:55 AM IST
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person Bought VIP registration number of Rs 1.5 lakh for a motorcycle worth Rs 52 thousand
प्रतीकात्मक तस्वीर

हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर जिले के उपमंडल सुजानपुर के एक व्यक्ति ने 52 हजार रुपये की कीमत के मोटरसाइकिल के लिए डेढ़ लाख रुपये का वीआईपी रजिस्ट्रेशन नंबर खरीदा है। क्षेत्रीय पंजीकरण और लाइसेंसिंग प्राधिकरण सुजानपुर से बजाज सीटी-110 मॉडल बाइक के लिए एचपी-84-0005 नंबर जारी हुआ है।

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इसी तरह आरएलए नादौन में भी आधा दर्जन दोपहिया वाहनों (स्कूटी) के लिए एचपी 55 सी-0002, एचपी 55 सी-0003, एचपी 55 सी-0004, एचपी 55 सी-0005, एचपी 55 सी-0007, एचपी 55 सी-0008 और एचपी 55 सी-0009 वीआईपी नंबर जारी हुए हैं। नादौन उपमंडल में भी ये सभी वीआईपी नंबर किसी महंगी लग्जरी कार के लिए नहीं, बल्कि दोपहिया वाहनों के लिए 75-75 हजार रुपये में जारी हुए हैं। वीआईपी नंबरों की बिक्री का यही हाल हमीरपुर, भोरंज और बड़सर उपमंडल में भी है। यहां भी लोगों ने महंगे रजिस्ट्रेशन नंबर खरीदे हैं।
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लोगों ने जुलाई से 30 नवंबर के बीच करीब 25 लाख से अधिक रुपये के वीआईपी नंबर खरीदे हैं। खास बात यह है कि लाखों के यह वीआईपी रजिस्ट्रेशन नंबर कोरोनाकाल में उस समय बिके, जब दुनिया के समस्त देश जानलेवा वायरस से बचने के उपाय ढूंढने और अधिकतर लोग अपना रोजगार बचाने में लगे थे।
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हालांकि पूर्व में सरकार ने 0001 से 0010 तक के नंबरों की नीलामी पर रोक लगाई थी, लेकिन 18 नवंबर 2015 को एक अधिसूचना जारी कर 0002 से 0100 विशिष्ट रजिस्ट्रेशन नंबर एक-एक लाख रुपये, जबकि 0101 से 0999 तक के रजिस्ट्रेशन नंबर के लिए 25-25 हजार रुपये शुल्क निर्धारित किया था। वर्तमान में सभी नंबर खुली बोली के तहत आवंटित हो रहे हैं। इच्छुक वाहन मालिक को प्रदेश परिवहन विभाग की वेबसाइट पर आवेदन करना है, जिसके बाद जो सबसे ऊंची बोली लगाता है, उसे वह नंबर मिलता है।


वाहनों के विशिष्ट रजिस्ट्रेशन नंबर के लिए ऑनलाइन आवेदन करना होता है। जो सबसे अधिक बोली लगाता है, उसे वही वीआईपी नंबर आवंटित किया जाता है। - वीरेंद्र शर्मा, क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी, हमीरपुर 

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