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Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Shimla News ›   Per Day 52 Farmers Committing Suicide in India.

'देश में कृषि पर भयंकर संकट, एक दिन में 52 किसान कर रहे आत्महत्या'

Sun, 05 Feb 2017 10:18 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नाहन (सिरमौर)
ब्यूरो/अमर उजाला, नाहन (सिरमौर) Updated Sun, 05 Feb 2017 10:18 AM IST
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Per Day 52 Farmers Committing Suicide in India.

अखिल भारतीय किसान सभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमरा राम ने कहा कि केंद्र सरकार की किसान विरोधी नीतियों के कारण देश भयंकर कृषि संकट से गुजर रहा है। केंद्र में मोदी की सरकार आने के बाद ढाई साल के शासनकाल में 24 घटों में देश में किसानों की आत्महत्या की औसत 42 से 52 पर पहुंच गई है।

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उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की नीतियों के कारण खाद, बीज, दवाइयां और डीजल की कीमतें बढ़ने से किसानों के लागत मूल्य में जिस औसत से वृद्धि हुई है उसके अनुपात में उन्हें अपने उत्पाद की कीमतें नहीं मिल रही हैं।
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राष्ट्रीय अध्यक्ष अमरा राम शनिवार को हिमाचल किसान सभा के 15वें राज्यस्तरीय सम्मेलन के दौरान पत्रकारों से मुखातिब हुए। उन्होंने कहा कि चुनाव से पहले मोदी ने देश की जनता से स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशें लागू करने का वायदा किया था लेकिन सत्ता में आने के बाद सर्वोच्च न्यायालय में शपथपत्र देकर मोदी ने किसानों से वायदा खिलाफी की।

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पूंजीपतियों को 11 लाख करोड़ की छूट, किसानों के लिए कुछ नहीं

Per Day 52 Farmers Committing Suicide in India.

वहीं सरकार पूंजीपतियों को 11 लाख करोड़ रुपये की छूट देती है। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने गेहूं पर लगने वाले 25 प्रतिशत आयात शुल्क को समाप्त कर दिया।  किसान सभा के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. कुलदीप तनवर ने कहा कि किसान सभा ने लंबे संघर्ष के बाद प्रदेश में बंदरों को वर्मिन घोषित करवाया लेकिन सरकार अब उनकी कीलिंग करने के बजाय लोगों को बंदर मारने के लिए कह रही है।

उन्होंने कहा कि किसान सभा मांग करती आई है कि बंदरों की कीलिंग का काम प्रशिक्षित निशानेबाजों के जरिये करवाया जाए। किसान बंदरों को नहीं मार सकते।  डॉ. तनवर ने कहा कि सरकार की इसी जिद्द ने संगड़ाह इलाके के कजवा गांव में एक होनहार नौजवान पंकज को खो दिया जो बंदरों की रखवाली के दौरान हादसे का शिकार हुआ।

उन्होंने पंकज की मौत के मामले में सरकार को जिम्मेदार ठहराया। इस मौके पर  किसान सभा के राज्य सचिव कुशाल भारद्वाज, राज्य उपाध्यक्ष विश्वनाथ शर्मा व प्रेस सचिव सतपाल मान आदि ने भी अपने विचार रखे।

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