लोग घर बैठ कर बना सकेंगे ड्राइविंग लाइसेंस, इन जिलों में शुरू होगा पायलट प्रोजेक्ट
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हिमाचल के लोग अब घर बैठकर ही अपना ड्राइविंग लाइसेंस बना सकेंगे। इसके अलावा वाहनों की पासिंग और परमिट के लिए भी लोगों को परिवहन विभाग के कार्यालयों में आने की जरूरत नहीं रहेगी। लोगों को सुविधा देने के लिए परिवहन विभाग सभी सेवाओं को ऑनलाइन करेगा। शुरुआत में करीब 15 दिन के लिए पायलट प्रोजेक्ट के तहत जिला कांगड़ा और शिमला में कार्य किया जाएगा। प्रोजेक्ट के सफल होने पर इसे पूरे प्रदेश में लागू किया जाएगा। यह बात परिवहन निगम हिमाचल प्रदेश के निदेशक जेएम पठानिया ने धर्मशाला में पत्रकारों से कही। उन्होंने कहा कि हिमाचल परिवहन सेवाओं को ऑनलाइन करवाने वाला देशभर में पहला राज्य बनेगा। लोग अब ई-परिवहन सेवा के माध्यम से घर बैठकर अपने ड्राइविंग लाइसेंस सहित अन्य कार्यों के लिए आवेदन कर सकेंगे।
इसके लिए उन्हें परिवहन विभाग के कार्यालय में आने की जरूरत नहीं रहेगी। उन्हें मात्र ड्राइविंग लाइसेंस की ट्राई के दौरान और वाहन पासिंग के दौरान ही परिवहन विभाग के कार्यालय में आने की जरूरत होगी, जबकि अन्य सभी सेवाएं वे घर बैठे ही प्राप्त कर सकेंगे। इस ऑनलाइन सुविधा का सबसे ज्यादा फायदा वाहन ऑपरेटरों को होगा। ई-परिवहन में हर काम का टाइम बाउंड होगा। हर सेवा के लिए अलग-अलग दिन निर्धारित किए जाएंगे, जिसके चलते तय समय के भीतर लोगों को ड्राइविंग लाइसेंस, पासिंग और परमिट आदि मिलेंगे। अगर तय समय के भीतर यह सब नहीं होता है तो संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों की जवाबदेही बनेगी। इस दौरान उनके साथ आरटीओ कांगड़ा डॉ. विशाल शर्मा व आरटीओ (फ्लाइंग) कांगड़ा डॉ. संजय धीमान भी मौजूद रहे।
अपने हिसाब से दे सकेंगे वाहनों की ट्राई
ई-परिवहन सेवाएं सॉफ्टवेयर में ऐसी व्यवस्था की गई है कि प्रदेश के लोग अपने हिसाब से पासपोर्ट आफिस की तर्ज पर ड्राइविंग लाइसेंस के लिए वाहन की ट्राई दे सकेंगे। इसके अलावा वे खुद ही निर्धारित कर सकेंगे कि किस माह की किस तारीख को कितने बजे वे अपने वाहन की पासिंग करवा सकेंगे। यह सब व्यवस्था परिवहन विभाग के सॉफ्टवेयर में रहेगी।