Una News: हरोली, पंजावर में लोगों से लाखों की ठगी, आरोपी गिरफ्तार, अदालत ने तीन दिन के रिमांड पर भेजा
ऊना जिले में एक ठग को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। बुधवार को आरोपी को पुलिस ने अदालत में पेश किया। जहां अदालत ने आरोपी को तीन दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया।
विस्तार
अब एक पीड़ित व्यक्ति जगजीत सिंह निवासी पंजावर ने पुलिस के पास आरोपी कुलदीप सिंह निवासी गांव ददवाली जिला शिमला के खिलाफ मामला दर्ज करवाया है। उधर हरोली पुलिस ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को ऊना शहर के पास गिरफ्तार कर लिया। बुधवार को आरोपी को पुलिस ने अदालत में पेश किया। जहां अदालत ने आरोपी को तीन दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया।
जानकारी के अनुसार पुलिस थाना हरोली में पंजावर क्षेत्र के निवासी जगजीत सिंह ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि कुलदीप सिंह पंजावर में आयुर्वेदिक की दुकान चलाता है। आरोपी ने पैसे डबल करने के झांसे में करीब 30 से 32 लाख रुपये उससे ठग लिए। इसी प्रकार आरोपी ने गांव के कई अन्य लोगों से करीब 50 लाख से ज्यादा की रकम ठगी है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने इनपुट हासिल कर आरोपी को ऊना शहर के समीप पकड़ लिया। बुधवार दोपहर को आरोपी कुलदीप को अदालत में पेश कर तीन दिन का रिमांड हासिल किया गया।
अभी तक 57 लाख की ठगी आई सामने
एसएचओ हरोली सुनील सांख्यान ने बताया कि पुलिस जांच में अभी तक 57 लाख रुपये का ठगी सामने आ चुकी है। हालांकि कई और लोग भी आरोपी पर ठगी करने का आरोप लगा रहे हैं, जिसकी हरोली थाना में लगातार शिकायतें आ रही हैं। उन्होंने बताया कि अभी तक की जांच में सामने आया है कि आरोपी ने पंजावर में एक आयुर्वेदिक दवाई की दुकान खोल रखी थी। इस कारण लोग उसको डॉक्टर साहब के नाम से पहचानते थे। कई लोगों को दवाई का असर भी हुआ था, जिस कारण लोग उस पर काफी विश्वास करते थे। इस बात का लाभ उठाकर आरोपी ने लोगों को कई तरह के प्रलोभन दिए, जिसमें किसी से कमीशन, किसी को सस्ता सरिया सीमेंट देने, किसी को अतिरिक्त ब्याज देने के नाम पर तथा कई लोगों को बिजनेसमैन बताकर उनकी आलू की फसल खरीद कर इस ठगी को अंजाम दिया। आरोपी पिछले तीन वर्षों से लगातार पंजावर क्षेत्र में रह रहा था।
आरोपी ने दूसरे के नाम पर दिए चेक
डीएपी हरोली मोहन रावत ने बताया कि आरोपी से पुलिस की पूछताछ जारी है। वह जिला शिमला का रहने वाला है, जो पिछले 10 वर्ष से अपने घर भी नहीं जाता था। उसके पिता ने भी वर्ष 2019 में उसको ऐसे ही गलत कारनामों के लिए बेदखल भी किया हुआ था। आरोपी ने कई लोगों को पैसे देने की एवज में चेक भी दिए, परंतु वह चेक भी अपने नाम से न देकर अन्य लोगों के नाम पर दिए गए हैं।