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नंगे पांव दहकते अंगारों पर नाचे लोग, नजारा देखने लायक
ब्यूरो/अमर उजाला, कुल्लू
Updated Sun, 22 Jan 2017 06:14 PM IST
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देवभूमि कुल्लू में देवी-देवताओं की अनूठी देव परंपराएं हैं। जिला मुख्यालय के साथ लगते क्षेत्र दोहरनाला में देवता आदि ब्रह्म के सम्मान में सदियाला पर्व धूमधाम से मनाया गया। जलते अंगारों पर गांव के करीब तीन दर्जन लोगों ने नंगे पांव नृत्य किया। नृत्य करते-करते जलते अंगारों को बुझाया, लेकिन इन लोगों के पांव में कोई घाव नहीं हुआ।
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इस नजारे को देखने के लिए बाखली में सैकड़ों की संख्या में लोग उमड़े। शिल्ली राजगिरी पंचायत के बाखली में रविवार सुबह करीब तीन बजे देव वाद्य यंत्रों की धुनों पर देवता के प्रांगण में इकट्ठा हुए। इसके बाद सभी देवता थान पाताल के स्थान पर गए। बुध राम ने जलती हुई मशाल का एक हिस्सा काली मां और देवता लुआसर नाग के स्थान पर रखा।
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ग्रामीणों ने एक खेत में इकट्ठे होकर अश्लील जुमलों पर नृत्य किया। अश्लील जुमलों से क्षेत्र की बुरी शक्तियों को दूर भगाया गया। कार्यक्रम में अंत में देवता जीरू का मुख्य गांथू राम द्वारा बाह चकोटा बोलते ही तीन दर्जन लोग आग में कूद पड़े। इन लोगों ने जलते हुए अंगारों को अपने पांव से बुझाया।
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युवक मंडल बाखली के प्रधान संगत राम, सुख राम, लोत राम, चाहकु राम, लैहणू, झाबू, प्रतापू, राजी, मोहर सिंह, चने राम, गुलाब सिंह, मोहर सिंह गूर, शिवू, वीरू, अनिल, मनीष, वीर दास ने कहा कि जलते अंगारों पर नाचना देव शक्ति से संभव हो पाता है। अगर मन साफ न हो तो आग में जल भी जाते हैं। अगर खेल खेलते समय किसी के हाथ छूट जाते हैं तो उसे भी बुरा माना जाता है। सदियाला पर्व को देखने के लिए सैकड़ों लोग यहां पहुंचे।