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वन अधिकार लागू करने में गंभीर नहीं अफसर

Wed, 19 Nov 2014 12:58 PM IST
Updated Wed, 19 Nov 2014 12:58 PM IST
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people action for people in need conference in shimla.

होटल होलीडे होम में वन अधिकार कानून 2006 पर प्रदेश स्तरीय सम्मेलन आयोजित किया गया। इसमें पर्यावरण एवं वन अधिकारों के संरक्षण के लिए कार्य कर रहीं संस्थाओं के पदाधिकारियों ने हिस्सा लिया। सम्मेलन में वन और पंचायती राज अधिकारी भी बुलाए गए थे, लेकिन ये शामिल नहीं हुए। अफसरों के न आने पर सम्मेलन में इसकी निंदा की गई। कहा गया कि वन और पंचायत अधिकारियों को वन अधिकार नियमों की जानकारी नहीं है।

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इसे लागू करने में सालों लग जाएंगे। यही नहीं, सम्मेलन में धूमल और वीरभद्र सरकारों को भी जमकर कोसा गया। आम और गरीब लोगों के हित में बने वन अधिकार को लागू करने की बात आती है तो ये सरकारें जानबूझकर इसे लागू नहीं कर रही हैं। कंपनियों के दबाव में आकर सरकारें वन संसाधनों को बेच रही हैं। हाल ही में हुई इनवेस्टर मीट भी इसी का एक उदाहरण है।
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कागजों में बनी हैं कमेटियां

people action for people in need conference in shimla.
पीपल एक्शन फॉर पीपल इन नीड की सदस्य और बीडीसी सदस्य राधा ने कहा कि कानून में वन समितियों में एक तिहाई महिलाओं की सदस्यता का प्रावधान है। सदस्यता तो महिलाओं को मिल गई, लेकिन उन्हें न तो वन अधिकार कानून के बारे में और न ही समितियों के गठन के बारे में जानकारी है।

सम्मेलन में ये रहे मौजूद
पीपल एक्शन फॉर पीपल इन नीड अंधेरी सिरमौर की ओर से आयोजित इस सम्मेलन में हिमालयन नीति अभियान के अध्यक्ष कुलभूषण उपमन्यु, पीपल एक्शन फार पीपल इन नीड के समन्वयक दीप राम, बैजनाथ से अक्षय जसरोटिया, पालमपुर से संदीप मन्हास, संगड़ाह से राधा, सिरमौर से धर्मपाल, मंडी से बालकराम, चंबा से रणजीत, पांवटा से कल्याण धांटा, बिलासपुर से नंदलाल आदि ने हिस्सा लिया।
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