फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Shimla News ›   pension and free bus facility for HIV patient.

एचआईवी पीड़ितों को पेंशन, बस पास देने की तैयारी

Thu, 10 Sep 2015 10:50 AM IST
Updated Thu, 10 Sep 2015 10:50 AM IST
विज्ञापन
pension and free bus facility for HIV patient.

हिमाचल में एचआईवी पीड़ितों को पेंशन और बस पास देने की तैयारी है। स्वास्थ्य महकमे ने सरकार को दिल्ली और चंडीगढ़ की तर्ज पर पेंशन देने का प्रस्ताव भेजा है। प्रदेश में दस लाख लोगों की जांच की गई है, जिसमें 8,091 लोग एचआईवी पॉजीटिव पाए गए हैं। 2,879 पीड़ितों का इलाज चल रहा है जबकि 3,172 की जांच हो रही है।

विज्ञापन


हमीरपुर जिले में पीड़ितों की संख्या ज्यादा है। यहां 1,057 लोगों का इलाज चल रहा है। प्रदेश भर में एचआईवी पीड़ितों में महिलाओं की संख्या अधिक है। यह खुलासा बुधवार को राजधानी में ममता हेल्थ इंस्टीट्यूट फॉर मदर एंड चाइल्ड, राज्य एड्स कंट्रोल सोसायटी और प्रदेश वॉलंटियर हेल्थ एसोसिएशन की कार्यशाला में हुआ। कार्यशाला की अध्यक्षता स्वास्थ्य निदेशक डॉ. डीएस गुरंग ने की।
विज्ञापन


उन्होंने बताया कि एचआईवी पॉजिटिव लोगों को बस पास देने के लिए एचआरटीसी के साथ बैठक हुई है। वर्तमान में पीड़ित और एक तीमारदार को आने-जाने का किराया लौटाया जाता है। इसमें समय ज्यादा लगता है। लिहाजा, इन्हें बस पास देने पर विचार किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि सरकार से मंजूरी मिलने के बाद पेंशन पर भी काम शुरू कर दिया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

हिमाचल में एड्स के मामले बढ़ने के मुख्य कारण

pension and free bus facility for HIV patient.

-प्रदेश का मशहूर पर्यटन स्थल होना
-प्रवासी मजदूरों का हिमाचल में आना
-प्रदेश से बाहर जाने वाले ट्रक ड्राइवर

स्टेटस बताना जरूरी नहीं
स्वास्थ्य निदेशक डॉ. डीएस गुरंग ने बताया कि किसी भी कर्मचारी को नौकरी के दौरान एचआईवी स्टेटस बताना अनिवार्य नहीं है। स्कूली बच्चों से भी भेदभाव नहीं किया जा सकता।

परिवार को बताने में लग गए पांच साल
कार्यशाला में पहुंचे एक पूर्व सैनिक ने बताया कि वे ड्यूटी के दौरान 1990 में बीमारी की चपेट में आ गए। पुणे में इलाज के बाद एचआईवी पॉजिटिव होने का पता चला। 42 साल की उम्र में 2002 में रिटायरमेंट ले ली। साल 2010 में इलाज शुरू किया। उन्होंने बताया कि इस बारे में परिवार को बताने में उन्हें पांच साल लग गए।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed