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अस्पताल परिसर में रातभर दर्द से कराहता रहा मरीज, 12 घंटे बाद दाखिल किया दाखिल
Thu, 19 Sep 2019 05:00 AM IST
Krishan Singh
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
Published by: Krishan Singh
Updated Thu, 19 Sep 2019 05:00 AM IST
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- फोटो : अमर उजाला
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डॉ. वाईएस परमार मेडिकल कॉलेज नाहन में लापरवाही का हाल देखिए। मंगलवार रात 11 बजे गोविदगढ़ मोहल्ला निवासी बुजुर्ग महिला हरचरण कौर अपने बीमार बेटे हीरा सिंह को उपचार के लिए अस्पताल की इमरजेंसी में लाई।
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यहां मौजूद चिकित्सक ने उसे ग्लूकोज चढ़ाया और इसके बाद मरीज को सुबह 204 नंबर कमरे में दिखाने के लिए कहकर घर भेज दिया। उसे तुरंत दाखिल कर वार्ड में नहीं भेजा गया।
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बुजुर्ग महिला अपने बेटे के साथ पूरी रात कॉलेज परिसर में बारिश से बचने के लिए बनाई गई सीमेंट की छतरी के नीचे बैठी रही। मरीज की टांग में जख्म हो गया था और वह बोल भी नहीं पा रहा था। वह रात को फर्श पर दर्द से कराहता रहा।
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बुधवार सुबह जब अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक आए तो उनसे मिलने के बाद मरीज को दाखिल किया गया। बड़ा सवाल यह है कि जब मरीज भर्ती करने की हालत में था तो फिर रात को इमरजेंसी से क्यों घर जाने के लिए कहा गया।
अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डीडी शर्मा ने बताया कि रात को क्या हुआ इसकी उन्हें जानकारी नहीं है। सुबह उनके पास महिला आई थी। इसके बाद उसे एचओडी के पास भेजा गया था। महिला के बेटे को अस्पताल में दाखिल कर लिया गया है।