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3400 पैट की आखिरी कैबिनेट पर टिकी नजर, 15 साल से मांग रहे हक
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
Updated Sat, 23 Sep 2017 09:51 AM IST
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अखिल भारतीय अस्थायी अध्यापक महासंघ की राष्ट्रीय कार्यकारिणी ने प्रदेश में कार्यरत 3400 प्राथमिक सहायक अध्यापकों को 15 साल की नियमित सेवाएं देने के बाद भी नियमित न किए जाने पर रोष जताया है। पदाधिकारियों ने कहा कि प्रदेश सरकार की 27 सितंबर को प्रस्तावित आखिरी कैबिनेट बैठक से पैट को नियमितीकरण की उम्मीद है।
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महासंघ की राष्ट्रीय कार्यकारिणी और प्रदेश प्राथमिक सहायक अध्यापक संघ (पैट) के मंडी जिला अध्यक्ष सुनील ठाकुर, सिरमौर अध्यक्ष कुलदीप ठाकुर, कांगड़ा के प्रीतपाल चौहान, कुल्लू के अमित खैरा, चंबा के दुनीचंद, और शिमला के जगजीत ठाकुर ने कहा कि साल 2012 में कांग्रेस ने अपने चुनावी घोषणा पत्र में पैट को नियमित करने का वादा किया था।
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अब 5 साल का कार्यकाल पूरा करने के बाद भी सरकार अपने किए वादे को पूरा करने में असफल रही है। 3400 पैट अध्यापक इससे दुखी हैं। उन्होंने कहा कि सरकार ने घोषणा पत्र के मुताबिक पैरा अध्यापकों को नियमित किया है, पीटीए अध्यापकों को नियमितीकरण की नीति देकर पैरा तथा पीटीए अध्यापकों का भविष्य सुरक्षित किया है।
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जबकि पैट को 15 सालों की नियमित सेवाएं के बाद भी 2 बार चार सालों के प्रशिक्षण करवाने के बाद भी सिर्फ मानदेय पर संतुष्ट किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय में चल रहे पीटीए, पैट, पैरा जीवीयू के केस के बावजूद प्रदेश सरकार ने पैरा शिक्षकों को नियमित कर उनको उनका हक दिया है।
पैट के लिए सरकार गंभीर तथा संवेदनशील नजर नहीं आ रही है। सरकार की इस दोहरी कार्यप्रणाली से पैट का सरकार से विश्वास उठता जा रहा है। महासंघ ने सरकार से मांग की है कि जल्द पैट को उनका हक और मान सम्मान दिया जाए।