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पार्वती प्रोजेक्ट में करोड़ों के घोटाले का भयावह सच!

Sat, 23 Aug 2014 02:30 PM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला,कुल्लू
ब्यूरो/ अमर उजाला,कुल्लू Updated Sat, 23 Aug 2014 02:30 PM IST
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Parvati sinister truth in the project unfolded millions of scams.

महत्वकांक्षी पार्वती जल विद्युत परियोजना के चरण-3 में पहले करोड़ों का सीमेंट घोटाला सामने आया और अब इसका भयावह सच भी सामने आने लगा है।

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प्रोजेक्ट की हेड रेस टनल शुरुआती दौर में ही हांफ गई है। सियुंड से लारजी तक की पहाड़ियों के भीतर बनी आठ किमी लंबी टनल में बिहाली गांव के पास रिसाव हो रहा है। टनल के भीतर सैंज नदी से पानी का बहाव डायवर्ट किया गया है।
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हालात यह है कि पानी के रिसाव से इस महत्वाकांक्षी परियोजना का विधिवत उद्घाटन करवाने से भी परियोजना प्रबंधन कतराने लगा है। रिसाव से बिहाली, सपांगनी और बनाहु गांव के लोग भी दहशत में हैं। ग्रामीणों का कहना है कि पानी का रिसाव समय पर नहीं रोका नहीं गया तो इन गांवों का अस्तितत्व खतरे में पड़ जाएगा।
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520 मेगावाट की इस परियोजना के निर्माण में घटिया निर्माण सामग्री लगाने और अनियमितताएं के आरोप समय-समय पर लगते रहे हैं। इसको लेकर बाकायदा सीबीआई सैंकड़ों सीमेंट के ट्रकों के घोटाले का पर्दाफाश कर चुकी है।

कई अफसरों पर गिर चुकी है गाज

Parvati sinister truth in the project unfolded millions of scams.

सीबीआई जांच में सामने आया था कि परियोजना के निर्माण के लिए चंडीगढ़ के दड़ुआ स्टोर से भेजे गए तीन सौ से अधिक सीमेंट को रास्ते में ही बेच दिया गया जबकि एनएचपीसी के स्टोर में फर्जी रिकार्ड दर्ज किया गया था। इसको लेकर सीबीआई स्टोर इंचार्ज सहित कई आला अफसरों पर कार्रवाई कर चुकी है।

निर्माण कार्य में हुई गड़बड़ी के मद्देनजर प्रोजेक्ट की गुणवता पर भी सवाल खड़े किए गए थे। मगर अब इस घोटाले का खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ रहा है। बिहाली में तीन जगहों से पानी का भारी मात्रा में रिसाव हो रहा है।

पहाड़ी से पानी के चश्मे फूट रहे हैं। इस घटना के बाद परियोजना प्रबंधन भी सकते में आ गया है। इस संबंध में प्रबंधकों की अब तक कई बैठकें भी हो चुकी हैं और मुख्य कार्यालय को भी इसकी सूचना भेज दी गई है। बावजूद इसके बिजली उत्पादन शुरू कर दिया गया है। पानी के रिसाव के बाद परियोजना के उद्घाटन करने की मुहिम को भी तगड़ा झटका लगा है।

ग्रामीणों को सता रहा है किसी अनहोनी का डर

Parvati sinister truth in the project unfolded millions of scams.

ग्रामीण सुरेश शर्मा, पिंगला देवी, सेस राम, परस राम और चुन्नी लाल ने बताया कि पानी के रिसाव से सपांगनी और बिहाली के अलावा आसपास के कई गांवों पर खतरा मंडरा रहा है। स्‍थानीय लोग पहले भी परियोजना के कार्य में गड़बड़ी को लेकर शिकायतें कर चुके हैं। मगर इसके बावजूद कोई पुख्ता कदम नहीं उठाए गए हैं।

अगर लागातार पानी का रिसाव होता रहा तो इससे आसपास के गांवों के अस्तित्व पर खतरा मंडरा सकता है। ऐसे में परियोजना प्रबंधन को समय रहते रिसाव के कारणों का पता करके उसका निदान करना चाहिए।

हालांकि प्रोजेक्ट महाप्रबंधक सीवी सिंह ने कहा कि पानी के रिसाव की जांच चल रही है। भू-वैज्ञानिक रिसाव के मूल कारणों का पता लगाने में जुटे हैं। उन्होंने कहा कि परियोजना का उद्घाटन तय समय पर ही होगा। इसको लेकर सभी स्तरों पर योजनाबद्ध तरीके से काम किया जा रहा है।

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