फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Shimla News ›   parivahan sewanivrit karmachari kalyan manch warn of protest If the demands not resolved in the monsoon session

परिवहन सेवानिवृत्त कर्मचारी कल्याण मंच: मानसून सत्र में मांगों का समाधान न हुआ तो करेंगे विधानसभा का घेराव

Sat, 24 Jul 2021 10:50 PM IST
Krishan Singh नगरोटा बगवां (कांगड़ा)/बिलासपुर
नगरोटा बगवां (कांगड़ा)/बिलासपुर Published by: Krishan Singh Updated Sat, 24 Jul 2021 10:50 PM IST
सार

प्रदेशाध्यक्ष बलराम पुरी की अध्यक्षता में हुई कार्यसमिति की बैठक में रोष जताया गया कि सरकार की ओर से स्वयं मंच के देय भत्तों की लंबित मांगों को मानने की घोषणा के बावजूद स्थिति जस की तस है। 

विज्ञापन
parivahan sewanivrit karmachari kalyan manch warn of protest If the demands not resolved in the monsoon session
प्रदर्शन(सांकेतिक) - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

हिमाचल प्रदेश परिवहन सेवानिवृत्त कर्मचारी कल्याण मंच ने सरकार को लंबित मांगों का इस मानसून सत्र में समाधान न करने पर आंदोलन की चेतावनी दी है। मंच ने कहा कि मानसून सत्र के दौरान विधानसभा का घेराव किया जाएगा। प्रदेशाध्यक्ष बलराम पुरी की अध्यक्षता में हुई कार्यसमिति की बैठक में रोष जताया गया कि सरकार की ओर से स्वयं मंच के देय भत्तों की लंबित मांगों को मानने की घोषणा के बावजूद स्थिति जस की तस है। 

विज्ञापन


प्रदेश महासचिव बीर सिंह चौहान ने बताया कि बैठक में जिलाध्यक्षों और प्रदेश पदाधिकारियों ने निगम के पेंशनरों की लगभग 255 करोड़ की विभिन्न लेनदारी पर विशेष चर्चा की। उन्होंने बताया कि मंच की मांगों में बजट में प्रावधान के मुताबिक पेंशन का स्थायी समाधान करने, वर्ष 2015 से लंबित 2019 तक 27 प्रतिशत महंगाई भत्ते का भुगतान करने, अंतरिम राहत का 21 प्रतिशत एरियर देना शामिल है। बैठक में चमन पुंडीर, कुलदीप सिंह गुलेरिया, बृजलाल ठाकुर, दीवान चंद ठाकुर, बिहारी लाल ठाकुर, सुरेंद्र सूद, कर्म सिंह, रमेश शर्मा तथा अन्य कई पदाधिकारी व सदस्य मौजूद थे।

विज्ञापन

पेंशनर्स एसोसिएशन की मान्यता बरकरार रख वार्ता करे सरकार : वशिष्ठ 

उधर, पेंशनर्स वेलफेयर एसोसिएशन की प्रदेश कार्यकारिणी के कोर ग्रुप की वर्चुअल बैठक में अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ को मान्यता प्रदान करने के निर्णय का स्वागत किया है। इससे कर्मचारियों की मांगों और समस्याओं के समाधान का मार्ग प्रशस्त हुआ है। यह बैठक प्रधान एचआर वशिष्ठ की अध्यक्षता में शनिवार को आयोजित की गई।  वशिष्ठ ने कहा कि वर्तमान में पेंशनर्स वेलफेयर एसोसिएशन प्रदेश का सबसे बड़ा संगठन है। इसकी स्थापना 1989 में हुई थी और वर्तमान में 85 प्रतिशत पेंशनर्स इस संगठन के सदस्य हैं। प्रदेश के सभी बारह जिलों में इस संगठन की इकाइयां गठित हैं। इस संगठन का सरकार के साथ हमेशा तालमेल रहा है।

कहा कि प्रदेश के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने 17 दिसंबर 2018 को सुंदरनगर में इस संगठन के महासम्मेलन में वादा करने के बावजूद साढ़े तीन वर्षों बाद भी समस्याओं के समाधान के लिए कोई बात नहीं की। न ही किसी लंबित समस्या का समाधान हुआ। सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित कर मुख्यमंत्री से आग्रह किया गया कि पेंशनर्स वेलफेयर एसोसिएशन की मान्यता बरकरार रखकर जेसीसी का गठन किया जाए और इसे वार्ता के लिए बुलाया जाए। पदाधिकारियों ने सरकार को चेताया कि यदि इस सबसे बड़े संगठन की अनदेखी की गई तो इसके दूरगामी परिणाम हितकर नहीं होंगे। संगठन की ओर से मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार 3 महीने पहले जेसीसी के गठन के लिए अन्य छोटे घटकों के सदस्यों सहित प्रस्तावित सूची प्रेषित की जा चुकी है। एसोसिएशन को विश्वास है कि प्रदेश सरकार हजारों वरिष्ठ नागरिकों को सड़क पर उतरने के लिए विवश नहीं करेगी। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed