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पैराग्लाइडिंग वर्ल्ड कप की तैयारियों में जुटे पायलट

Fri, 16 Oct 2015 11:32 AM IST
राजकुमार सूद/अमर उजाला, बैजनाथ (कांगड़ा)
राजकुमार सूद/अमर उजाला, बैजनाथ (कांगड़ा) Updated Fri, 16 Oct 2015 11:32 AM IST
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paragliding world cup in kangra.

भारत में पहली बार होने जा रहे पैराग्लाइडिंग वर्ल्ड कप में चुनौती पेश करने के लिए दुनिया भर के पायलट जमकर पसीना बहा रहे हैं। पैराग्लाइडिंग में दुनिया भर में नंबर दो दर्जा प्राप्त करने वाली बीड़ बिलिंग की साइट पर वीरवार को करीब 40 पायलटों ने आकाश में उड़ान भरी। विदेशी पायलटों में एक दर्जन के करीब महिला पायलट भी शामिल हैं। 23 अक्तूबर से शुरू हो रहे पहले वर्ल्ड कप के चलते इस मर्तबा बिलिंग में करीब 400 पायलटों के पहुंचने के उम्मीद है।

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वर्ल्ड कप के लिए 40 देशों के 130 पायलटों का चयन पीडब्ल्यूसीए के दिशा निर्देशों के तहत किया जा चुका है। इसके अतिरिक्त 300 पायलटों के फ्री फ्लायर के तौर में उड़ान भरने की उम्मीद है। उधर, बिलिंग पैराग्लाइडिंग एसोसिएशन वर्ल्ड कप के सफल आयोजन के लिए तैयारियों को अंतिम रूप दे रही है। एसडीएम बैजनाथ अश्वनी सूद ने बताया कि पायलटों के दस्तावेजों की जांच के बाद ही उन्हें उड़ान की अनुमति प्रदान की जा रही है।
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मौसम के अनुकूल होते ही वीरवार को उड़ान भरने वालों में दो दर्जन विदेशी पायलट भी शामिल रहे। पायलटों ने बिलिंग से उड़ान भरकर जमकर अभ्यास किया। पिछले तीन चार दिन से बिलिंग का आकाश पायलटों को उड़ान भरने का मौका नहीं दे रहा था। घाटी में अब तक ऑस्ट्रिया, इंग्लैंड, रूस, स्विटजरलैंड और अफ्रीका आदि देशों के तीन दर्जन से अधिक पायलट पहुंच चुके हैं।
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करना पड़ा 35 साल का इंतजार
पैराग्लाइडिंग के लिए दुनिया में दूसरे स्थान पर आने वाली बिलिंग घाटी को पहले वर्ल्ड कप के लिए 35 वर्ष का लंबा इंतजार करना पड़ा है। 80 के दशक में पहली बार हैंगग्लाइडिंग प्रतियोगिता के बाद घाटी अंतरराष्ट्रीय मानचित्र पर उभरी। उसके बाद घाटी में मानवीय परिंदों के इस खेल का विकास धीमी गति से हुआ।

लेकिन पिछले आठ वर्षों में घाटी में लैंडिंग साइट का अधिग्रहण और टेक ऑफ प्वाइंट सहित बीड़ से बिलिंग के मार्ग को विकसित करने का काम तेजी से हुआ। 2003, 2005, 2008 और 2013 में यहां बड़ी प्रतियोगिताएं करवाई गईं। अब तक आधा दर्जन प्री वर्ल्ड कप स्तर की प्रतियोगिताओं का श्रेय भी घाटी को है।


घाटी में पैराग्लाइडिंग खेल के धीमे विकास के चलते अब तक फ्रांस स्थित खेल की सर्वोच्च संस्था पैराग्लाइडिंग वर्ल्ड कप एसोसिएशन (पीडब्लयूसीए) से घाटी में वर्ल्ड कप को हरी झंडी नहीं मिल सकी थी। देश में हो रहे पहले वर्ल्ड कप के तीन वर्गों के विजेताओं को भारत के किसी भी खेल के इतिहास का सबसे बड़ा इनाम मिलने जा रहा है। बिलिंग पैराग्लाइडिंग एसोसिएशन के अध्यक्ष एवं शहरी विकास मंत्री सुधीर शर्मा ने बताया कि विजेताओं को 22 केडी का गोल्ड मेडल, 999.9 का सिल्वर और प्योर ब्रांज मेडल बतौर इनाम प्रदान किए जाएंगे।

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