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बाप-दादा के किए की चुकानी पड़ेगी चुनाव में कीमत
संजय भारद्वाज/अमर उजाला, बिलासपुर
Updated Tue, 08 Dec 2015 01:07 PM IST
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पंचायती राज नियमों में संशोधन के बाद इस बार पिता ही नहीं बल्कि दादा के समय का अतिक्रमण होगा, तब भी चुनाव नहीं लड़ा जा सकेगा। पंचायत चुनाव लड़ने के लिए उम्मीदवारों को अतिक्रमण के लिए हलफनामा देना होगा। बताना होगा कि कहीं भी अतिक्रमण तो नहीं किया है।
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अतिक्रमण होने पर उम्मीदवार की पात्रता रद्द की जाएगी। संशोधन के मुताबिक पंचायत के देनदार भी अयोग्य माने जाएंगे। नामांकन के वक्त उम्मीदवार को पंचायत का नो ड्यूज सर्टिफिकेट भी साथ देना होगा। 16 दिसंबर से नामांकन प्रक्रिया शुरू हो रही है। यदि कोई चुनाव लड़ने का इच्छुक है तो उसे सभी देनदारियां इससे पहले चुकानी होंगी। पंचायतों में चूल्हा टैक्स वसूल किया जाता है।
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यदि इसका भुगतान नहीं किया है तो चुनाव नहीं लड़ सकेंगे। चूल्हा टैक्स को हाउस टैक्स भी कहा जाता है। इसे चुकाने के बाद ही नो ड्यूज सर्टिफिकेट मिल सकेगा। पूर्व जन प्रतिनिधि जिनके पास पंचायत की देनदारियां हैं तो वह भी चुकानी होगी।
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ऐसे मिलेगा नो ड्यूज सर्टिफिकेट- नो ड्यूज सर्टिफिकेट पंचायत सचिव देगा। पंचायत में रिकॉर्ड चेक कर ही नो ड्यूज सर्टिफिकेट जारी किया जाएगा। इस पर संबंधित खंड विकास अधिकारी के काउंटर साइन होंगे।
उम्मीदवार को नामांकन पत्र के साथ नो ड्यूज सर्टिफिकेट भी देना होगा। इस बार नियमों में संशोधन कर नो ड्यूज सर्टिफिकेट को जरूरी बनाया गया है। -सतीश अग्रवाल, जिला पंचायत अधिकारी
ठेकेदारी या प्रधानी, एक को चुनना होगा- ग्राम पंचायत में ठेकेदारी या प्रधानी में से एक ही काम चुनना होगा। उम्मीदवार विजयी होने पर किसी एक ही काम का चयन करेंगे। उम्मीदवार अगर राशन डिपो चला रहे हैं तो प्रधानी के बाद ये भी छोड़ने होंगे।