Panchayat Election Himachal: प्रथम चरण के चुनाव में 78.70 फीसदी मतदान
हिमाचल में पंचायत चुनाव के प्रथम चरण का मतदान
प्रथम चरण में हुआ 77.50 फीसदी तक मतदान हुआ
पंचायत चुनाव में मतदान को लेकर लोगों में रहा भारी उत्साह
सीएम जयराम ठाकुर ने पत्नी संग डाला वोट
नेता प्रतिपक्ष मुकेश अग्निहोत्री ने भी मतदान किया
विस्तार
मंडी से सांसद रामस्वरूप शर्मा के भाई त्रिलोक चंद जलपेहड़ पंचायत में वार्ड सदस्य का चुनाव हार गए हैं। पंचायत समिति और जिला परिषद सदस्यों के चुनाव नतीजे 22 जनवरी को घोषित होंगे। कई जगह देर शाम तक मतदान होता रहा। प्रदेश की 108 पंचायतों ने पहले ही प्रतिनिधि चुन लिए थे। कुल्लू के नग्गर की रिहाड़ा पंचायत में सबसे ज्यादा 94 फीसदी मतदान रिकॉर्ड हुआ। प्रदेश की 1208 पंचायतों में दूसरे चरण के चुनाव के लिए 19 जनवरी को मतदान होगा। इसके साथ ही इन पंचायत क्षेत्रों में प्रत्याशी अब घर-घर जाकर वोटरों से संपर्क साध सकेंगे। पहले चरण से मतदान के लिए 7593 पोलिंग पार्टियां मतदान केंद्रों में तैनात रहीं। राज्य में 972 अतिसंवेदनशील, 2830 संवेदनशील और 7744 साधारण मतदान केंद्र बने हैं। प्रदेश भर की कुल 3583 पंचायतों में तीन चरणों में चुनाव होना है।
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राज्य के कुल 51.50 लाख वोटर अपने पंचायतों, पंचायत समिति और जिला परिषद के कुल 81,675 प्रतिनिधियों को चुनेंगे। प्रदेश में तीसरे चरण के लिए कुल 1137 पंचायतों में 21 जनवरी को चुनाव होना है। इन पंचायत क्षेत्रों में रविवार को चुनाव प्रचार थम गया है और इनमें चुनाव के लिए मतदान 21 जनवरी को होगा। पंचायत चुनाव में मतदान को लेकर लोगों में काफी उत्साह देखा गया। लोग विभिन्न मतदान केंद्रों पर सुबह-सुबह वोट डालने पहुंचे। कोरोना को देखते हुए मतदान केंद्रों पर निर्धारित मानक संचालन पक्रिया एसओपी का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया गया। सुरक्षित शारीरिक दूरी बनाए रखने के लिए कई मतदान केंद्रों के बाहर निर्धारित दूरी पर गोले लगाए गए थे। मतदान केंद्रों में मतदाताओं को थर्मल स्केनिंग के बाद ही वोट डालने की अनुमति दी गई। पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव में मतदान को लेकर युवाओं से लेकर बुजुर्गों में जोश देखा गया। वहीं, देश के प्रथम मतदाता श्याम सरण नेगी ने राजकीय प्राथमिक पाठशाला कल्पा में मतदान किया। प्रशासन की ओर से नेगी के स्वागत के लिए विशेष प्रबंध किए गए थे।
जिला मतदान(10 बजे ) मतदान(12 बजे) मतदान(2 बजे) मतदान(4 बजे तक)
बिलासपुर 15.70 33.50 56.70 78.40
चंबा 15.20 33.50 57.20 74.83
हमीरपुर 14.40 32.90 55.50 75.77
कांगड़ा 14.90 32.80 55.10 73.00
किन्नौर 14.30 30.00 49.20 69.45
कुल्लू 17.60 37.50 62.20 84.20
लाहौल-स्पीति 16.40 42.10 58.60 63.80
मंडी 15.80 34.80 59.20 80.93
शिमला 15.80 36.70 59.50 78.04
सिरमौर 18.40 39.20 63.30 82.54
सोलन 18.90 41.10 64 .20 83.64
ऊना 15.90 35.88 59.70 80.01
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कुरानी बूथ पर डाला वोट
हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने अपनी पत्नी डॉ. संध्या और मां बिक्रमू देवी के साथ रविवार सुबह करीब 11 बजे सराज की मुरहाग पंचायत के कुरानी बूथ पर परिवार सहित मतदान किया। मतदान के बाद उन्होंने मीडिया से बातचीत में कहा कि चुनावों के चक्कर में लोग आपसी रिश्तेदारी खराब न करें। सीएम ने दावा किया कि इस बार के पंचायत चुनावों में 70 प्रतिशत प्रतिनिधि भाजपा समर्थित जीतेंगे। नगर निकाय चुनावों में भी 70 प्रतिशत प्रतिनिधि भाजपा समर्थित चुनकर आए हैं। सीएम ने लोगों से योग्य उम्मीदवारों को चुनने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र को मजबूत करने के लिए पंचायतें सबसे छोटी और सशक्त संस्था बनकर सामने आई हैं।
इसी बात को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार ने 15 वर्षों के बाद प्रदेश में 389 नई पंचायतों, 7 नगर पंचायतों और 3 नगर निगमों का गठन किया है। पंचायत चुनावों को कुछ लोग व्यक्तिगत रूप में ले लेते हैं, जिससे फिर गांव परिवार में तनाव पैदा होने लग जाता है। उन्होंने लोगों से आह्वान किया कि वे इन चुनावों में गांव परिवार को बीच में शामिल न करते हुए क्षेत्र के विकास के लिए बेहतरीन प्रतिनिधियों का चुनाव करें। मुख्यमंत्री ने इसके बाद अपनी कुलदेवी बगलामुखी और देव मतलोड्डा के मंदिर में माथा टेका और आशीर्वाद लिया। वहीं, नव गठित ग्राम पंचायत जलपेहड़ में सांसद रामस्वरूप शर्मा ने अपनी धर्मपत्नी चंपा शर्मा के साथ परिवार समेत मतदान किया।
बिलासपुर में मतदाता सूचियों में नाम न होने से मायूस होकर लौटे कई लोग
देश की सबसे छोटी संसद चुनने के लिए मतदाता रविवार को पोलिंग बूथों पर तो पहुंचे, लेकिन वोटर लिस्ट में नाम न होने से उन्हें मायूस होकर लौटना पड़ा। कुछ पोलिंग बूथों में कई युवाओं को स्थानीय भाषा में यह कहकर सुना गया कि - चलो आरा घरा जो, वोटर लिस्टा च तां नाम ही नी आं आसा रा। यानी, घर चलो दोस्तों, वोटर लिस्ट में तो हमारा नाम ही नहीं है। जिला में कुल 2,99,343 मतदाता हैं। इनमें घुमारवीं, सदर, झंडूता और श्री नयनादेवी जी में वोटर लिस्ट से करीब 2 हजार से ज्यादा मतदाताओं के नाम गायब हैं। वहीं वोटर लिस्टों में 200 के करीब ऐसे वोटर हैं, जो दुनिया में हैं ही नहीं। शनिवार को मतदाता अपने बूथों पर पहुंचे लेकिन उनका नाम वोटर लिस्ट में न होने से उन्हें वोट नहीं डालने दिया गया।
प्रशासन ने आचार संहिता शुरू होने से 18 दिन पहले वोटर लिस्टें निरीक्षणों के लिए पंचायत सचिवों के पास रखी थीं। वहीं इन्हें बूथों पर भी रखा गया था लेकिन किसी ने भी इन्हें नहीं जांचा। एसडीएम सदर रामेश्वर ने कहा कि खंड स्तर से पूरे वोटरों की लिस्टें जारी की जाती हैं। वहीं इन सूचियों को तय समय के अनुसार निरीक्षण के लिए रखा जाता है ताकि समय पर आपत्तियां दर्ज हो सके। अगर किसी मतदाता का नाम सूची में न हो तो वो इसमें सुधार करवा सकता है। लेकिन आचार संहिता के बाद इसमें कोई सुधार नहीं होता है।
अनुराग सिंह ठाकुर और पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल ने ग्राम पंचायत समीरपुर में किया मतदान
हमीरपुर जिले में केंद्रीय वित्त एवं कॉर्पोरेट मामले के राज्यमंत्री अनुराग सिंह ठाकुर और पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल ने ग्राम पंचायत समीरपुर में मतदान किया। सांसद राम स्वरूप शर्मा ने पत्नी चंपा शर्मा और परिवार के सदस्यों के साथ मंडी जिले की नव गठित पंचायत जलपेहड़ में मतदान किया। मंत्री गोविंद ठाकुर ने भी मतदान किया। केंद्रीय राज्य वित्त मंत्री अनुराग ठाकुर ने आगामी वित्त वर्ष के बजट में हिमाचल के लिए प्रावधान पर कहा कि हिमाचल को कभी बजट का इंतजार नहीं करना पड़ता है और बजट के अलावा भी हिमाचल की मांगों को पूरा करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि माहमारी के समय में भी हिमाचल को 500 करोड़ रुपये ब्याज मुक्त दिया गया है। धन की कोई कमी आड़े नहीं आने दी है।
अनुराग ने किसान बिल को लेकर कहा कि पीएम मोदी किसान हितैषी सरकार है और किसानों को हर सुविधा दी गई है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के मुकाबले ढाई गुणा ज्यादा लाभ किसानों को मिले हैं। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी, सोनिया गांधी ने यूपीए सरकार के समय में स्वामीनाथन कमेटी की रिपोर्ट को लागू करेंगे और कहा कि मंडी एक्ट से बाहर फसल बेचने का प्रावधान नहीं कर पाए थे और यह कांग्रेस की नाकामयाबी रही है। उन्होंने कहा कि कुछ लोगों के भ्रम फैलाने की वजह से किसान परेशान हुए हैं। लेकिन मोदी सरकार के मंत्री किसानों को राहत देने में लगे हुए हैं।
चुनाव ड्यूटी में तैनात शिक्षक निलंबित
राज्य चुनाव आयोग ने बिलासपुर में चुनाव ड्यूटी में तैनात शिक्षक को निलंबित कर दिया है। चुनाव ड्यूटी में प्रशिक्षण के समय एक अधिकारी के साथ अभद्र व्यवहार करने के आरोप पर यह कार्रवाई की गई है।
आयोग ने इस मामले की छानबीन जिला चुनाव अधिकारी को सौंप दी है। अगर शिक्षक जांच में दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ आयोग अगली कार्रवाई करेगा। बताया जा रहा है कि चुनाव सामग्री वितरित करने के दौरान शिक्षक ने अधिकारी से अभद्र व्यवहार किया।