जानिए क्या है पाकिस्तान का ऑपरेशन 'चिनाब'
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हिमाचल प्रदेश से निकलने वाली चिनाब नदी का पाकिस्तानी एक्सपर्ट मुआयना करेंगे। 20 सितंबर को को इंडो और पाक का एक संयुक्त प्रतिनिधि मंडल पहुंचेगा, जोकि पांच दिन तक नदी के एक छोर से दूसरे छोर तक मुआयना करेंगे।
प्रतिनिधि मंडल की ओर से यह देखा जाएगा कि चिनाब नदी में प्रस्तावित हाइड्रो प्रोजेक्ट से कोई नुकसान तो नहीं हो रहा है या फिर भारत ने नदी का रुख तो कहीं मोड़ तो नहीं रहा है।
1960 में दोनों ही दोनों के बीच हुई संधि के आधार पर एक निश्चित समय के बाद संयुक्त मुआयना होता है। चिनाब नदी पाकिस्तान के लिए लाइफ लाइन मानी जाती है।
जिस्पा प्रोजेक्ट का विरोध कर रहा है पाकिस्तान
चिनाब हिमाचल प्रदेश के लाहौल स्पीति से निकलकर जम्मू कश्मीर, पंजाब होते हुए पाकिस्तान जाती है। इस नदी पर हिमाचल प्रदेश की ओर से कई हाइड्रो प्रोजेक्ट प्रस्तावित है। इसमें एक प्रोजेक्ट जिस्पा का पाकिस्तान की ओर से विरोध भी किया जा रहा है।
प्रधानसचिव ऊर्जा एसकेबीएस नेगी ने बताया कि यह इंडो और पाकिस्तान की संयुक्त टीम हिमाचल प्रदेश का पांच दिन का दौरा करेगी। इस दौरान यह टीम यह देखेगी कि कहीं चिनाब नदी का रुख तो नहीं मोड़ा जा रहा है।
यह नदी प्राकृतिक तौर पर बह रही है या नहीं। इस सिलसिले में केंद्र सरकार की ओर से एक पत्र प्रदेश सरकार को प्राप्त हो चुका है। इसके लिए इस दौरे के दौरान ऊर्जा महकमे के अफसर भी मौजूद रहेंगे।