AIIMS Bilaspur: एम्स में मिलेगी पेसमेकर इम्प्लांटेशन, हृदय के छेद को बंद करने की सुविधा
प्रधानमंत्री स्वास्थ्य सुरक्षा योजना चरण-2 के तहत 9.42 करोड़ रुपये की लागत से एम्स बिलासपुर में प्लेन कार्डियो वैस्कुलर कैथीटेराइजेशन की स्थापना की गई है।
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एम्स बिलासपुर की कैथ लैब और मशीनीकृत लॉन्ड्री का केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री मनसुख मंडाविया ने ऑनलाइन उद्घाटन किया। प्रधानमंत्री स्वास्थ्य सुरक्षा योजना चरण-2 के तहत 9.42 करोड़ रुपये की लागत से एम्स बिलासपुर में प्लेन कार्डियो वैस्कुलर कैथीटेराइजेशन की स्थापना की गई है। इस लैब की मदद से एम्स बिलासपुर में हृदय रोगियों को एंजियोग्राफी और एंजियोप्लास्टी/स्टेंटिंग जैसी तत्काल जीवन रक्षक प्रक्रियाओं की सुविधा उपलब्ध होगी। हृदय रोग से पीड़ित रोगियों में पेसमेकर इम्प्लाटेशन, बच्चों में हृदय केछेद को डिवाइस से बंद करने जैसी कई सुविधाएं यहां मिलेंगी।
कैथ लैब में डिजिटल सबट्रैक्शन एंजियोग्राफी (डीएसए) जैसी उन्नत सुविधाएं हैं। इसकी सेवाओं का उपयोग इंटरवेंशनल रेडियोलॉजी विभाग और न्यूरो सर्जरी विभाग की ओर से शरीर के विभिन्न अंगों की धमनी के इंटरवेंशन के लिए भी किया जाएगा। अभी तक में प्रदेश में केवल दो कार्यात्मक कैथ लैब इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज (आईजीएमसी) शिमला और डॉ. राजेंद्र प्रसाद राजकीय मेडिकल कॉलेज टांडा में हैं। एम्स बिलासपुर में कैथ लैब की स्थापना से हृदय रोग के मरीजों को समय पर किफायती इलाज उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।
वहीं, 4.6 करोड़ रुपये की लागत से मैकेनाइज्ड लॉन्ड्री एम्स बिलासपुर में स्थापित की गई है। इसमें चार संयंत्र हैं, जिनकी संयुक्त भार क्षमता 290 किलोग्राम प्रति चक्र है। इसमें कपड़ों को कीटाणु मुक्त, सुखाने और इस्त्री करने की सुविधा होगी। यह कपड़े धोने के लिए पानी और ऊर्जा की खपत को भी कम करती है। ऑनलाइन उद्घाटन के अवसर पर एम्स के ऑडिटोरियम में कार्यक्रम का आयोजन किया। इस दौरान उद्घाटन पट्टिका अनावरण केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने ऑनलाइन किया। कार्यक्रम में एम्स के कार्यकारी निदेशक प्रो. डॉ. वीर सिंह नेगी, चिकित्सा अधीक्षक डॉ. दिनेश वर्मा सहित अधिकारी और चिकित्सक मौजूद रहे।