शिक्षा के लिए केंद्र से इतने करोड़ का बजट मांगेगा हिमाचल, वार्षिक योजना मंजूर
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हिमाचल शिक्षा विभाग की समग्र वार्षिक योजना को बैठक में मंजूरी दी गई। एकीकृत स्कूली शिक्षा योजना के तहत पहली से बारहवीं कक्षा तक के लिए हिमाचल सरकार 950 करोड़ का बजट केंद्र सरकार से मांगेगी।
मंगलवार को शिक्षा मंत्री सुरेश भारद्वाज की अध्यक्षता में हुई बैठक में समग्र वार्षिक योजना को मंजूरी दी गई। अब छह जून को दिल्ली में होने वाली बैठक में वार्षिक योजना को रखा जाएगा।
भारद्वाज ने बताया कि साल 2018-19 के लिए समग्र वार्षिक योजना तैयार कर ली गई है। शिक्षा क्षेत्र में नई योजनाएं शुरू करने, खेल गतिविधियों को बढ़ाने, पुस्तकालयों को मजबूत करने, डिजिटलाइजेशन को ध्यान में रखते हुए योजना तैयार की गई है।
वोकेशनल शिक्षा के तहत शुरू किए जाएंगे नए कोर्स
इसके अलावा प्रदेश में वोकेशनल शिक्षा के तहत स्कूलों में नए कोर्स शुरू किए जाएंगे। सरकारी स्कूलों में नर्सरी और केजी कक्षाएं शुरू की जाएंगी। इन सभी कार्यों के लिए केंद्र से अधिक बजट की मांग की जाएगी।
उन्होंने कहा कि नर्सरी-केजी कक्षाओं को जेबीटी से पढ़ाने या नर्सरी टीचर ट्रेनिंग करने वाले शिक्षकों की भर्ती करने को लेकर भी मंगलवार को हुई बैठक में चर्चा की गई। शिक्षा मंत्री ने कहा कि इस मामले को भी केंद्र सरकार से समक्ष उठाया जाएगा।
उन्होंने बताया कि साल 2017-18 के दौरान हिमाचल ने 834 करोड़ के बजट की केंद्र सरकार से मांग की थी। केंद्र ने 408 करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत किया था। बैठक में शिक्षा सचिव अरुण कुमार शर्मा, प्रारंभिक शिक्षा निदेशक मनमोहन शर्मा, राज्य परियोजना निदेशक आशीष कोहली सहित कई अन्य अधिकारी मौजूद रहे।