Himachal News: हिमाचल में 100 से ज्यादा भूस्खलन संभावित क्षेत्र दे रहे हादसों को न्योता, 395 की गई जान
प्रदेश की सर्पीली सड़कों पर सफर करना खतरनाक होता जा रहा है। हिमाचल में 100 से ज्यादा भूस्खलन प्रभावित क्षेत्र कभी भी तबाही मचा सकते हैं।
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हिमाचल प्रदेश की सर्पीली सड़कों पर सफर करना खतरनाक होता जा रहा है। हिमाचल में 100 से ज्यादा भूस्खलन प्रभावित क्षेत्र कभी भी तबाही मचा सकते हैं। बिलासपुर ही नहीं बल्कि मंडी, कुल्लू, किन्नौर, सिरमौर और शिमला में पहाड़ी क्षेत्रों में लोग जान जोखिम में डालकर सफर कर रहे हैं। बरसात के समय पहाड़ी क्षेत्रों में सफर करना और भी खतरनाक हो रहा है। सात साल में इन ब्लैक स्पॉट पर 395 लोगों की जान जा चुकी है। हिमाचल में 541 ऐसी जगह हैं, जहां हादसों की खतरा है, यह स्पॉट फोरलेन, बीआरओ और राज्यमार्ग पर है। लोक निर्माण विभाग की ओर से 147 स्पॉट को दुरुस्त किया जा चुका है।
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हिमाचल लोक निर्माण विभाग, पुलिस और परिवहन विभाग की ओर से इन स्पॉट को चयनित किया जाता है। बिलासपुर के मरोतन से घुमारवीं जा रही 32 सीटर निजी बस पर पहाड़ से भारी भरकम मलबा गिरने से 16 लोगों की मौत हो गई। रोड सेफ्टी ने जांच का जिम्मा बिलासपुर एसडीएम को सौंपा है। एसडीएम की अध्यक्षता वाली टीम मौके पर दौरा कर हादसे के कारणों का पता लगाएगी। बताया जा रहा है कि इस स्थान पर भूस्खलन की संभावना कम थी। कुल्लू, मंडी और लाहौल-स्पीति में ज्यादा भूस्खलन होता है। ऐसे स्थान को भी ब्लैक स्पॉट की श्रेणी में शामिल किया जाता है। परिवहन रोड सेफ्टी अतिरिक्त आयुक्त एसडी ने नेगी ने बताया कि ब्लैक स्पॉट को दुरुस्त करने का कार्य जारी है। विभाग के इंजीनियर इन चीफ नरेंद्र पॉल ने कहा कि कई जगहों पर चयनित ब्लैक स्पॉट को दुरुस्त किया गया गया है।
एक साल में जहां तीन हादसे, वे ब्लैक स्पॉट
रोड सेफ्टी के मुताबिक 500 मीटर के एरिया में एक साल में तीन बार दुर्घटनाएं होती हैं और जानमाल का नुकसान होता है। वह ब्लैक स्पॉट की श्रेणी में आना जाता है। लोक निर्माण विभाग ने चयनित स्पॉट में से 147 ब्लैक स्पॉट को दुरुस्त किया है, लेकिन ज्यादातर स्पॉट को ठीक नहीं किया गया है।
रामपुर में भी एनएच पर करीब चार स्थानों पर पहाड़ी से भूस्खलन और पत्थर गिरते रहते हैं। बीते वर्ष में इन जगहों पर कई हादसे हो चुके हैं। इसे देखते हुए भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने इन स्थानों का विस्तृत अध्ययन करवाया। अब इन स्थानों पर रॉक बोल्टिंग और पहाड़ी को सुरक्षित करने का कार्य शुरू किया गया है।
हादसे के चलते नाहन-रेणुकाजी सड़क करवाई बंद: नाहन
रेणुकाजी सड़क पर दूसरे दिन भी वाहनों की आवाजाही नहीं हो पाई। प्रशासन की ओर से बिलासपुर हादसे को देखते हुए इस सड़क को सुबह 10 बजे से शाम 3 बजे तक बंद रखा गया।