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हिमाचल: 40 हजार आउटसोर्स कर्मियों के लिए मांगी स्थायी नीति, बैठक में हुआ मंथन
Wed, 16 Feb 2022 08:10 PM IST
अरविन्द ठाकुर
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
Published by: अरविन्द ठाकुर
Updated Wed, 16 Feb 2022 08:10 PM IST
सार
राज्य आउटसोर्स कर्मचारी संघ के अध्यक्ष शैलेंद्र शर्मा और महासचिव अवधेश सरोच ने कहा कि आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए ठोस नीति बनाने की मांग लंबे समय से की जा रही है, लेकिन अभी तक सरकार ने इस दिशा में कोई फैसला नहीं लिया है।
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शिमला के राम मंदिर हाल में बैठक करते आउटसोर्स कर्मचारी।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
हिमाचल प्रदेश के 40 हजार आउटसोर्स कर्मचारियों ने सरकार से स्थायी नीति बनाने की मांग की है। शिमला के राम मंदिर हाल में बुधवार को प्रदेश भर से आउटसोर्स कर्मचारियों के प्रतिनिधि जुटे और समस्याओं पर मंथन किया। राज्य आउटसोर्स कर्मचारी संघ ने सरकार से मांग की है कि अन्य कर्मचारियों की तरह आउटसोर्स कर्मचारियों को तय समय के भीतर स्थायी किया जाए। कहा कि ठोस नीति नहीं बनाई गई तो सरकार के खिलाफ संघर्ष का रास्ता अपनाया जाएगा।
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बैठक के बाद संघ के अध्यक्ष शैलेंद्र शर्मा और महासचिव अवधेश सरोच ने कहा कि आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए ठोस नीति बनाने की मांग लंबे समय से की जा रही है, लेकिन अभी तक सरकार ने इस दिशा में कोई फैसला नहीं लिया है। हर बार आश्वासन ही दिए गए। उनका कहना है कि आउटसोर्स कर्मचारी सोसायटी और कंपनियों के माध्यम से लगे हैं। ये कर्मी पिछले 18 साल से सरकारी विभागों में सेवाएं दे रहे हैं, लेकिन इन्हें स्थायी करने के बारे में सोचा नहीं जा रहा है।
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कहा कि सोसायटी या कंपनी विभाग की मांग के अनुसार पैनल बनाकर विभाग के पास नाम भेजती है। इसके बाद विभागीय कमेटी इंटरव्यू लेकर आउटसोर्स पर रखती है। इसके बाद भी इनको नियमित नहीं किया जा रहा। सरकार से मांग की जा रही है कि अन्य कर्मचारियों की तरह आउटसोर्स कर्मियों को भी तय समय के भीतर रेगुलर किया जाए।
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