{"_id":"68a9c169a42f3ac310017b61","slug":"orders-to-demolish-illegal-constructions-to-seven-building-owners-in-the-city-shimla-news-c-19-sml1002-589472-2025-08-23","type":"story","status":"publish","title_hn":"Shimla News: शहर में सात भवन मालिकों को \nअवैध निर्माण गिराने के आदेश","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Shimla News: शहर में सात भवन मालिकों को अवैध निर्माण गिराने के आदेश
विज्ञापन
नगर निगम आयुक्त भूपेंद्र अत्री की अदालत ने सुनाया फैसला, 53 मामलों पर हुई सुनवाई
मालरोड के एक कारोबारी को गिरानी होगी छत
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। राजधानी में सात भवनों में किए गए अवैध निर्माण को तुरंत गिराने के आदेश जारी हो गए हैं। नगर निगम आयुक्त भूपेंद्र अत्री की अदालत ने शनिवार को इन मामलों पर फैसला सुनाते हुए भवन मालिकों को अवैध निर्माण गिराने का आदेश जारी किए हैं।
आयुक्त की चक्कर स्थित अदालत में अवैध निर्माण से जुड़े 53 मामलों पर सुनवाई हुई। इनमें सात मामलों पर अदालत ने फैसला सुना दिया। शहर के मालरोड पर एक नामी कारोबारी को भी भवन की छत गिराने का आदेश जारी हुआ है। इस कारोबारी ने मरम्मत के नाम पर छत की ऊंचाई बढ़ा दी। नियमानुसार छत की ढलान सही नहीं है। इसलिए कारोबारी को अब छत तोड़नी होगी। शहर का मालरोड क्षेत्र हेरिटेज जोन में भी शामिल है। यहां नए निर्माण से लेकर मरम्मत कार्य तक की अनुमति नगर निगम और सरकार की हेरिटेज कमेटी से लेनी पड़ती है। नगर निगम के अनुसार इस कारोबारी ने गुपचुप अवैध निर्माण किया जिसे अब हटाना होगा। शहर के विकासनगर में भी एक भवन में अतिरिक्त बनाई गई मंजिल को गिराने के आदेश जारी हुए हैं। यहां भवन मालिक ने नक्शे से ज्यादा निर्माण कर दिया था।
छज्जे से लेकर बालकनी तक हटाने के आदेश
संजौली के चलौंठी, कच्चीघाटी के घोड़ाचौकी इलाके में भी भवनों में हुए अवैध निर्माण को गिराने के आदेश जारी किए गए हैं। इन भवनों में ज्यादातर लोगों ने छज्जे और बालकनी बढ़ाकर नियमों का उल्लंघन किया है। अदालत ने बाकी 46 मामलों में भी भवन मालिकों का पक्ष सुना है। इन पर आगामी सुनवाई में फैसला सुनाया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
मालरोड के एक कारोबारी को गिरानी होगी छत
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। राजधानी में सात भवनों में किए गए अवैध निर्माण को तुरंत गिराने के आदेश जारी हो गए हैं। नगर निगम आयुक्त भूपेंद्र अत्री की अदालत ने शनिवार को इन मामलों पर फैसला सुनाते हुए भवन मालिकों को अवैध निर्माण गिराने का आदेश जारी किए हैं।
आयुक्त की चक्कर स्थित अदालत में अवैध निर्माण से जुड़े 53 मामलों पर सुनवाई हुई। इनमें सात मामलों पर अदालत ने फैसला सुना दिया। शहर के मालरोड पर एक नामी कारोबारी को भी भवन की छत गिराने का आदेश जारी हुआ है। इस कारोबारी ने मरम्मत के नाम पर छत की ऊंचाई बढ़ा दी। नियमानुसार छत की ढलान सही नहीं है। इसलिए कारोबारी को अब छत तोड़नी होगी। शहर का मालरोड क्षेत्र हेरिटेज जोन में भी शामिल है। यहां नए निर्माण से लेकर मरम्मत कार्य तक की अनुमति नगर निगम और सरकार की हेरिटेज कमेटी से लेनी पड़ती है। नगर निगम के अनुसार इस कारोबारी ने गुपचुप अवैध निर्माण किया जिसे अब हटाना होगा। शहर के विकासनगर में भी एक भवन में अतिरिक्त बनाई गई मंजिल को गिराने के आदेश जारी हुए हैं। यहां भवन मालिक ने नक्शे से ज्यादा निर्माण कर दिया था।
विज्ञापन
छज्जे से लेकर बालकनी तक हटाने के आदेश
संजौली के चलौंठी, कच्चीघाटी के घोड़ाचौकी इलाके में भी भवनों में हुए अवैध निर्माण को गिराने के आदेश जारी किए गए हैं। इन भवनों में ज्यादातर लोगों ने छज्जे और बालकनी बढ़ाकर नियमों का उल्लंघन किया है। अदालत ने बाकी 46 मामलों में भी भवन मालिकों का पक्ष सुना है। इन पर आगामी सुनवाई में फैसला सुनाया जाएगा।
विज्ञापन