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Shimla News: मायके में रह रही पत्नी को गुजारा भत्ता देने के आदेश
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सुंदरनगर (मंडी)। अतिरिक्त प्रिंसिपल जज फैमिली कोर्ट सुंदरनगर की अदालत ने गुजारा भत्ता से जुड़ी एक याचिका की सुनवाई करते हुए आदेश दिए कि पति अपनी पत्नी को प्रतिमाह 4,500 रुपये देगा। यह राशि आदेश की तिथि से लागू होगी।
निहरी क्षेत्र की एक महिला की ओर से अदालत में दायर याचिका में उसने कहा कि विवाह के कुछ समय तक सब कुछ सामान्य रहा, लेकिन बाद में पति की ओर से दुर्व्यवहार और मारपीट के कारण उन्हें ससुराल छोड़ना पड़ा। मार्च 2021 से वह अपने मायके में रह रही है। उसके पास स्वयं का कोई आय स्रोत नहीं है।
पत्नी ने अदालत से गुजारा भत्ता की मांग की थी। पति ने कहा कि पत्नी ने स्वयं घर छोड़ा और वह सिलाई-कढ़ाई से आय अर्जित करती है। अदालत ने पाया कि पत्नी के पास कोई स्वतंत्र आय नहीं है और उसका भरण-पोषण पिता कर रहे हैं। अदालत ने पति की आय का आकलन न्यूनतम मजदूरी मानकों के अनुसार किया और पत्नी को 4,500 रुपये मासिक भरण-पोषण की राशि निर्धारित की। संवाद
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निहरी क्षेत्र की एक महिला की ओर से अदालत में दायर याचिका में उसने कहा कि विवाह के कुछ समय तक सब कुछ सामान्य रहा, लेकिन बाद में पति की ओर से दुर्व्यवहार और मारपीट के कारण उन्हें ससुराल छोड़ना पड़ा। मार्च 2021 से वह अपने मायके में रह रही है। उसके पास स्वयं का कोई आय स्रोत नहीं है।
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पत्नी ने अदालत से गुजारा भत्ता की मांग की थी। पति ने कहा कि पत्नी ने स्वयं घर छोड़ा और वह सिलाई-कढ़ाई से आय अर्जित करती है। अदालत ने पाया कि पत्नी के पास कोई स्वतंत्र आय नहीं है और उसका भरण-पोषण पिता कर रहे हैं। अदालत ने पति की आय का आकलन न्यूनतम मजदूरी मानकों के अनुसार किया और पत्नी को 4,500 रुपये मासिक भरण-पोषण की राशि निर्धारित की। संवाद
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