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Shimla News: ऑल्टो कार का मुफ्त में पेंट करवाने के आदेश
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जिला उपभोक्ता आयोग ने सुनाया फैसला
25 हजार रुपये मुआवजे देने के भी दिए हैं आदेश
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग ने ऑल्टो कार के पेंट पर बड़ा फैसला सुनाया है। आयोग के अध्यक्ष डॉ. बलदेव सिंह ने वाहन का पेंट उखड़ने की शिकायत पर निर्णय सुनाते हुए मारुति सुजुकी इंडिया और गोयल मोटर्स को आदेश दिया है कि वह वाहन की छत और बोनट की पेंटिंग निशुल्क करवाए।
आयोग ने शिकायतकर्ता को मानसिक उत्पीड़न के लिए 15,000 रुपये और मुकदमेबाजी लागत के रूप में 10,000 रुपये देने के भी निर्देश दिए हैं। शहर के लोअर चक्कर निवासी शंकर सिंह ठाकुर ने 2 अक्तूबर 2022 को गोयल मोटर्स, शिमला से ऑल्टो (के टेन वी इलेवन) वाहन खरीदा था। कुछ ही दिनों बाद वाहन की छत और बोनट का पेंट उखड़ने लगा। शिकायतकर्ता ने तुरंत बिक्री अधिकारी को सूचित किया लेकिन उनके लगातार प्रयासों के बावजूद समस्या का समाधान नहीं हुआ। 22 फरवरी 2023 को पंजीकृत सर्वेक्षक की ओर से निरीक्षण कर दोष की पुष्टि की गई। बावजूद विपक्षी पक्ष ने शिकायतकर्ता के दावे को इस आधार पर खारिज कर दिया कि यह दोष बाहरी आकस्मिक प्रभाव के कारण हुआ था। इसके बाद विपक्षी पक्षों को कानूनी नोटिस भेजने का कोई फायदा नहीं हुआ। इसके बाद आयोग का दरवाजा खटखटाया गया। आयोग ने कहा कि शिकायतकर्ता को कई बार आश्वासन मिलने के बावजूद समस्या का निवारण नहीं किया गया जिससे सेवा में कमी और अनुचित व्यापार व्यवहार सिद्ध होता है। विपक्षी पक्ष शिकायतकर्ता को क्षतिपूर्ति देने के लिए बाध्य है। आयोग ने ओपी को निर्देश दिया कि वह वाहन की छत और बोनट की पेंटिंग निशुल्क करवाएं और 45 दिन के भीतर आदेश का पालन सुनिश्चित करें।
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25 हजार रुपये मुआवजे देने के भी दिए हैं आदेश
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग ने ऑल्टो कार के पेंट पर बड़ा फैसला सुनाया है। आयोग के अध्यक्ष डॉ. बलदेव सिंह ने वाहन का पेंट उखड़ने की शिकायत पर निर्णय सुनाते हुए मारुति सुजुकी इंडिया और गोयल मोटर्स को आदेश दिया है कि वह वाहन की छत और बोनट की पेंटिंग निशुल्क करवाए।
आयोग ने शिकायतकर्ता को मानसिक उत्पीड़न के लिए 15,000 रुपये और मुकदमेबाजी लागत के रूप में 10,000 रुपये देने के भी निर्देश दिए हैं। शहर के लोअर चक्कर निवासी शंकर सिंह ठाकुर ने 2 अक्तूबर 2022 को गोयल मोटर्स, शिमला से ऑल्टो (के टेन वी इलेवन) वाहन खरीदा था। कुछ ही दिनों बाद वाहन की छत और बोनट का पेंट उखड़ने लगा। शिकायतकर्ता ने तुरंत बिक्री अधिकारी को सूचित किया लेकिन उनके लगातार प्रयासों के बावजूद समस्या का समाधान नहीं हुआ। 22 फरवरी 2023 को पंजीकृत सर्वेक्षक की ओर से निरीक्षण कर दोष की पुष्टि की गई। बावजूद विपक्षी पक्ष ने शिकायतकर्ता के दावे को इस आधार पर खारिज कर दिया कि यह दोष बाहरी आकस्मिक प्रभाव के कारण हुआ था। इसके बाद विपक्षी पक्षों को कानूनी नोटिस भेजने का कोई फायदा नहीं हुआ। इसके बाद आयोग का दरवाजा खटखटाया गया। आयोग ने कहा कि शिकायतकर्ता को कई बार आश्वासन मिलने के बावजूद समस्या का निवारण नहीं किया गया जिससे सेवा में कमी और अनुचित व्यापार व्यवहार सिद्ध होता है। विपक्षी पक्ष शिकायतकर्ता को क्षतिपूर्ति देने के लिए बाध्य है। आयोग ने ओपी को निर्देश दिया कि वह वाहन की छत और बोनट की पेंटिंग निशुल्क करवाएं और 45 दिन के भीतर आदेश का पालन सुनिश्चित करें।
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