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तैयारी 2024 की: दो दशक बाद फिर शिमला से केंद्र की सत्ता की राह तलाशेंगे कांग्रेस समेत विपक्षी दल
Wed, 28 Jun 2023 12:49 PM IST
अरविन्द ठाकुर
अनिमेष कौशल, अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
अनिमेष कौशल, अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
Published by: अरविन्द ठाकुर
Updated Wed, 28 Jun 2023 12:49 PM IST
सार
हिमाचल प्रदेश में छह महीने पहले ही कांग्रेस सत्ता में आई है। लिहाजा यहां से पूरे देश को संदेश देने का प्रयास किया जाएगा।
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विपक्षी दलों के नेताओं की बैठक।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
कांग्रेस सहित विपक्षी दल दो दशक बाद फिर राजधानी शिमला से केंद्र की सत्ता का रास्ता तलाशेंगे। साल 2003 में शिमला के होटल पीटरहॉफ में कांग्रेस की राष्ट्रीय चिंतन बैठक हुई थी। एनडीए सरकार के खिलाफ इस बैठक में बनाई गई रणनीति के चलते आगामी दस साल तक यूपीए सरकार केंद्र की सत्ता में रही थी। अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार को सत्ता से बाहर करने के लिए दोबारा से शिमला को महाबैठक के लिए चुना गया है।
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10 या 12 जुलाई को विपक्षी दलों की यह बैठक प्रस्तावित है। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष प्रतिभा सिंह का दावा है कि यह महाबैठक ही 2024 के लोकसभा चुनाव में जीत की नींव रखेगी। वर्ष 1998 से 2003 तक देश में एनडीए की सरकार थी। एनडीए को सत्ता से बाहर करने के लिए शिमला में कांग्रेस का चिंतन शिविर हुआ था। इसका फायदा कांग्रेस को मिला था। तब देश में डॉ. मनमोहन सिंह के नेतृत्व में 2004 से 2014 तक यूपीए की सरकार बनी थी।
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अब विपक्षी दलों ने दोबारा शिमला में महाबैठक करने का निर्णय लिया है। इस बैठक में विपक्षी दल संयुक्त तौर पर लोकसभा चुनाव लड़ने को लेकर रणनीति बना सकते हैं। हिमाचल प्रदेश में छह महीने पहले ही कांग्रेस सत्ता में आई है। लिहाजा यहां से पूरे देश को संदेश देने का प्रयास किया जाएगा कि जिस तरह विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने सत्तारूढ़ भाजपा को बाहर किया है, उसी तरह केंद्र की सत्ता से भी भाजपा को बाहर किया जाएगा।
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प्रतिभा सिंह ने कहा कि शिमला फिर से राजनीति के एक नए अध्याय का गवाह बनने जा रहा है। 2003 में तत्कालीन वीरभद्र सिंह सरकार के समय अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी का चिंतन शिविर हुआ था। वह जल्द दिल्ली जाकर कार्यक्रम की तैयारी को लेकर आलाकमान से चर्चा करेंगी।
अब अलग हैं परिस्थितियां, पहले से बहुत मजबूत हुई है भाजपा
देश की राजनीति में अब परिस्थितियां बहुत भिन्न हैं। पहले के मुकाबले भाजपा मजबूत हुई है। इसी वर्ष पांच राज्यों में होने वाले विधानसभा में कांग्रेस का प्रदर्शन कैसा रहता है। इसी आधार पर कांग्रेस का विपक्षी दलों के गठबंधन में कद तय होगा।