Himachal: परीक्षा में दूसरे को बैठाने के आरोपी को एक साल का कारावास
अतिरिक्त मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी ने वीरेंद्र कुमार को इसके अलावा 10,000 रुपये जुर्माना भी लगाया है। पुलिस ने अदालत के समक्ष अभियोग दायर किया था कि 28 अक्तूबर 2010 को डाक विभाग ने शिमला में डाक सहायक के लिए लिखित परीक्षा करवाई।
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शिमला जिला अदालत चक्कर ने लिखित परीक्षा में दूसरे को बैठाने के आरोपी को एक वर्ष के कारावास की सजा सुनाई है। अतिरिक्त मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी ने वीरेंद्र कुमार को इसके अलावा 10,000 रुपये जुर्माना भी लगाया है। पुलिस ने अदालत के समक्ष अभियोग दायर किया था कि 28 अक्तूबर 2010 को डाक विभाग ने शिमला में डाक सहायक के लिए लिखित परीक्षा करवाई। वायु सेना से सेवानिवृत्त आरोपी ने भी इसके लिए आवेदन किया था। लिखित परीक्षा में उसने गंगू कुमार को बैठाया। परीक्षा पर्यवेक्षक ने पाया कि जो रोल नंबर आरोपी को आवंटित किया गया था, उसके स्थान पर कोई और परीक्षार्थी परीक्षा दे रहा था। इसकी शिकायत पुलिस को दी गई। पुलिस ने मामले की जांच की और अदालत के समक्ष अभियोग चलाया। अभियोजन पक्ष ने अभियोग साबित करने के लिए 15 गवाहों के बयान दर्ज करवाए। अदालत ने पाया कि आरोपी ने डाक विभाग को गुमराह करने के इरादे से अपनी जगह किसी और को लिखित परीक्षा में बैठाया है। अदालत ने अपने निर्णय में कहा कि अभियोजन पक्ष आरोपी के खिलाफ अभियोग साबित करने में सफल रहा है।
50 किलो अफीम पोस्त के आरोपी की जमानत हाईकोर्ट से खारिज
हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने 50 किलो अफीम पोस्त के आरोपी की जमानत खारिज कर दी है। न्यायाधीश विवेक सिंह ने अपने निर्णय में कहा कि आरोपी जमानत पर रिहा होने का हकदार नहीं है। 17 अप्रैल 2022 को बंजार पुलिस ने आरोपी चमन लाल को 50 किलो अफीम पोस्त के साथ पकड़ा था। जांच के दौरान आरोपी की गाड़ी से अलग-अलग नंबर प्लेट भी बरामद की गई। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मादक पदार्थ निरोधक अधिनियम की धारा 15, 25 और 29 के तहत मामला दर्ज किया। आरोपी की ओर से अदालत में दलील दी गई कि वह निर्दोष है। अदालत ने प्रथम दृष्टतया आरोपी का जुर्म में संलिप्त होना पाया है। अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद पाया कि आरोपी अग्रिम जमानत का हकदार नहीं है।