Raft overturned in Beas: कुल्लू में राफ्ट पलटने से मुंबई के पर्यटक की मौत, छह बचाए
पर्यटक बबेली से वैष्णो देवी माता मंदिर तक ब्यास में राफ्टिंग कर रहे थे, तभी यह हादसा हुआ। जीवन रक्षक जैकेट पहनने के बावजूद पर्यटक की जान चली गई।
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ब्यास नदी में राफ्टिंग करते शुक्रवार को पर्यटकों से भरी एक राफ्ट पलट गई, जिससे मुंबई के एक पर्यटक की मौत हो गई है, जबकि छह सैलानी रेस्क्यू कर लिए गए। इस हादसे से एक महिला पर्यटक घबरा गई। उसे जिला अस्पताल कुल्लू में भर्ती किया गया। प्राथमिक उपचार देकर कुछ देर बाद उसे छुट्टी दे दी गई। मृतक की पहचान हरेश (59) पुत्र नगीनदास शाह मकान नंबर 11/329 एसबी रोड नियर सद्गुरु होटल सिद्धार्थनगर गोरेगांव पश्चिम मुंबई के रूप में हुई है।
पुलिस अधीक्षक कुल्लू साक्षी वर्मा ने बताया कि पर्यटक बबेली से वैष्णो देवी माता मंदिर तक ब्यास में राफ्टिंग कर रहे थे, तभी यह हादसा हुआ। पुलिस ने हादसे के कारणों की छानबीन शुरू कर दी है। बताया जा रहा है राफ्ट में क्षमता छह की थी, लेकिन सात पर्यटकों को इसमें बिठा लिया गया। जीवन रक्षक जैकेट पहनने के बावजूद पर्यटक की जान चली गई। एसपी ने बताया कि शुक्रवार सुबह 11:30 बजे पुलिस लाइन कुल्लू के पास बाशिंग मेंं छरूडू के पास एक राफ्ट ब्यास नदी में पलट गई, जिससे अफरातफरी मच गई।
साथ चल रही दो अन्य राफ्टर के गाइडों ने कूदकर पर्यटकों को रेस्क्यू करना शुरू कर दिया। उन्होंने सबसे पहले हरेश को ही बाहर निकाला और तुरंत उपचार के लिए उसे जिला कुल्लू अस्पताल ले जाया गया। अस्पताल में चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित किया।
दोपहर बाद पुलिस ने पोस्टमार्टम करवाकर शव उनकी पत्नी व अन्य लोगों को सौंप दिया। हादसे से जयश्री गांधी (57) पत्नी राजेश गांधी निवासी मकान नंबर-904 टाइटेनियम टावर मुंबई घबरा गई। उसे अस्पताल में उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई। पर्यटक राजेश गांधी ने बताया कि राफ्ट में सात लोग सवार थे और अचानक उनकी राफ्ट पलट गई और उनके साथ चल रही दो अन्य राफ्ट के लोगों ने उन्हें बाहर निकाला है।
राफ्ट पलटने की वजह का पता लगाया जाएगा। तकनीकी टीम सभी पहलुओं को जांचेगी। जांच में किसी भी तरह की लापरवाही सामने आती है तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी। - आशुतोष गर्ग उपायुक्त, कुल्लू
राफ्टिंग करवाने में नियम दरकिनार, हर साल जाती है औसतन एक जान
देश-विदेश से घूमने कुल्लू-मनाली पहुंच रहे सैलानियों के साहसिक गतिविधियां जानलेवा साबित हो रही हैं। नियमों की अनदेखी के चलते राफ्टिंग का रोमांच भारी पड़ रहा है। कुल्लू-मनाली में हर साल औसतन एक सैलानी की जान राफ्टिंग करते हुए जा रही है। कई लोग हादसों का शिकार हो रहे हैं। पैसा कमाने के लिए राफ्ट में तय नियम से ज्यादा लोग बैठाए जा रहे हैं। गाइड और असिस्टेंट भी प्रशिक्षित नहीं होते हैं, जो ऐन मौके पर हादसे के समय जान बचा सकें।
यहां दी जाने वाली लाइफ जैकेट इतनी पुरानी होती हैं कि डूबते राफ्टर को बचाने में मददगार कम ही साबित होती हैं। शुक्रवार को ब्यास नदी में बाशिंग के पास हुए हादसे में भी ऐसी ही लापरवाही सामने आई है। बबेली से रामशिला के लिए आ रही राफ्ट में तय मानकों का ध्यान नहीं रखा गया था। नियमों को दरकिनार करके राफ्ट में सात लोग बैठाए गए थे। राफ्ट में छह लोग बैठ सकते हैं। राफ्टिंग गाइड के साथ इसमें कुल आठ लोग सवार हो गए थे।
बताया जा रहा है कि बबेली से राफ्ट ब्यास की जलधारा में उतरी, इसके बाद छरूडू नामक जगह पर अचानक पलट गई। अगर गाइड और ऑपरेटर ने नियमों का पालन किया होता तो शायद यह हादसा नहीं होता। पर्यटक की जान भी बच जाती। हालांकि इससे पहले ब्यास नदी में अन्य जगहों पर भी इस तरह के हादसे पेश आए हैं।
अब सवाल यह उठता है कि आखिर नियमों का पालन करवाए तो कौन। अटल बिहारी पर्वतारोहण संस्थान मनाली के निदेशक अविनाश नेगी का कहना है कि राफ्ट में अनुमति छह यात्रियों को बैठाने की होती है। इसके साथ गाइड और असिस्टेंट का भी होना जरूरी होता है। रेस्क्यू के लिए साथ में राफ्ट भी होती है। उपायुक्त आशुतोष गर्ग ने कहा कि कुल्लू में राफ्टिंग के दौरान हुए हादसे की जांच करवाई जा रही है।