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आओ बचा लें इस नन्हीं परी की जान
ब्यूरो/अमर उजाला, मंडी
Updated Fri, 25 Jul 2014 11:42 PM IST
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दिल की बीमारी से जूझ रही आठ माह की ओमाक्षी को मददगारों की दरकार है। ओमाक्षी के दिल में छेद है। चिकित्सकों ने आपरेशन करवाने की सलाह दी है। परिजन इस हालत में नहीं कि ओमाक्षी के आपरेशन का खर्च उठा सकें। अब अभिभावकों ने बेटी के इलाज के लिए सरकार और आम लोगों से मदद की फरियाद की है।
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मंडी के जंजैहली के कांडा गांव की इस मासूम को मंडी और शिमला में इलाज के बाद डॉक्टरों ने इसे पीजीआई के लिए रेफर किया है। यहां चिकित्सकों ने परिजनों को ऑपरेशन की सलाह दी है। इस पर करीब एक लाख खर्च आना है। ओमाक्षी के माता-पिता इस खर्च को उठाने में असमर्थ हैं।
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पीजीआई में डॉक्टरों ने जल्द से जल्द ऑपरेशन करने की सलाह दी है। पैसों की कमी के कारण परिजन कुछ नहीं कर पा रहे। पिता संतोष शर्मा और माता गीता शर्मा ने बताया कि आठ माह पहले उनके यहां जुड़वा बच्चियों का जन्म हुआ। जन्म के बाद से ही ओमाक्षी की हालत ठीक नहीं। दूसरी बेटी स्वस्थ है। मंडी अस्पताल में उपचार के बाद आईजीएमसी शिमला में भी ओमाक्षी को दिखाया था लेकिन कोई फर्क नहीं पड़ा।
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पीजीआई का महंगा इलाज उठाने में वह असमर्थ हैं। ऐसे में ओमाक्षी का इलाज कैसे होगा, यह चिंता सता रही है। परिजनों ने जिला प्रशासन, रेडक्रास सोसाइटी, सरकार और दानी सज्जनों से अपील की है कि ओमाक्षी के इलाज के लिए मदद करें। दानी सज्जन मोबाइल नंबर 94182-63202 पर मदद कर सकते हैं।