महर्षि वाल्मीकि पर आपत्तिजनक टिप्पणी पर बवाल, तीन घंटे जाम
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वाल्मीकि के बारे में स्कूल के सूचना पट्ट पर आपत्तिजनक शब्द लिखे जाने को लेकर बवाल खड़ा हो गया है। मामला संतोषगढ़ के एक सरकारी स्कूल का है। स्कूल परिसर में चार अक्तूबर को वाल्मीकि जयंती के उपलक्ष्य में रोजमर्रा की तरह ही परिसर में सूचना एवं समाचार पट्ट पर सूचना डाली थी।
इसमें महर्षि वाल्मीकि की जीवन पर प्रकाश पर डाला गया था। मगर वाल्मीकि के संदर्भ में लिखे लेख में उन्हें कथित तौर पर पूर्व जीवन में डाकू बताए जाने को लेकर समुदाय के लोगों ने स्कूल खुलते ही शुक्रवार को बवाल खड़ा कर दिया। उन्होंने संतोषगढ़-नंगल रोड पर जाम लगा दिया।
इस दौरान लोगों ने स्कूल प्रशासन और जिला प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। सड़क पर करीब तीन घंटे तक जाम लगा रहा। जाम लगने के कारण संतोषगढ़ से नंगल की ओर जाने वाले लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ा।
मामले की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन की ओर से एडीएम ऊना सुखदेव सिंह, डीएसपी हरोली नवदीप सिंह, एसएचओ विश्वास वालिया, प्रारंभिक शिक्षा उपनिदेशक हंसराज गुलेरिया भी स्कूल में पहुंच गए।
मामले में एफआईआर हुई दर्ज
अधिकारियों ने इस मामले की पड़ताल की। प्रशासनिक अधिकारियों ने धरना दे रहे लोगों को समझा कर तीन घंटे के बाद यातायात को सुचारु करवाया। पुलिस ने स्कूल के शिक्षकों के साथ-साथ प्रधानाचार्य से भी पूछताछ की। बताया जा रहा है कि सूचना पट्ट पर लिखे जाने के साथ ही स्कूल की प्रार्थना सभा में भी महर्षि वाल्मीकि को पूर्व जीवन में डाकू बताया था।
डीएसपी हरोली नवदीप सिंह का कहना है कि मामले की एफआईआर दर्ज कर ली गई है। उन्होंने कहा कि एससी-एसटी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया जा सकता है। इस संदर्भ में स्कूल के प्रधानाचार्य का कहना है कि स्कूल में बच्चों की ओर से सूचना पट्ट पर महर्षि वाल्मीकि की जीवनी का अंश लिखा था।
इसमें बच्चों ने अपने स्तर पर जानकारी जुटाकर महर्षि वाल्मीकि के पूर्व जीवन को लेकर प्रचलित कहानी का उल्लेख किया था। इसमें किसी भी प्रकार से महर्षि का अपमान करने की कोई मंशा नहीं थी। इस संबंध में बच्चों ने इंटरनेट से जानकारी जुटाई थी।