{"_id":"628cefeb0e2dcb57ba54920c","slug":"obc-commission-decision-counting-of-obc-people-in-himachal-after-29-years-reservation-will-increase-in-panchayat-and-elections","type":"story","status":"publish","title_hn":"OBC commission decision: हिमाचल में 29 वर्ष बाद होगी ओबीसी के लोगों की गणना, पंचायत व निकाय चुनाव में बढ़ेगा आरक्षण","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
OBC commission decision: हिमाचल में 29 वर्ष बाद होगी ओबीसी के लोगों की गणना, पंचायत व निकाय चुनाव में बढ़ेगा आरक्षण
Wed, 25 May 2022 10:33 AM IST
Krishan Singh
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
Published by: Krishan Singh
Updated Wed, 25 May 2022 10:33 AM IST
सार
राजधानी शिमला में राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष रामलोक धनोटिया की अध्यक्षता में आयोग की 261वीं बैठक हुई। बैठक में प्रदेश सरकार से राष्ट्रीय आयोग की तर्ज पर राज्य आयोग के लिए भी सांविधानिक दर्जा देने का आग्रह किया है।
विज्ञापन
राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग की बैठक।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
हिमाचल प्रदेश में 29 वर्ष बाद अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के लोगों की गणना होगी। इस गणना के आधार पर ग्राम पंचायतों और नगर निकाय चुनाव में वर्ग के लिए आरक्षण कोटा बढ़ेगा। अभी वर्ष 1993-94 के आंकड़ों के आधार पर ही इन्हें चुनाव में आरक्षण मिल रहा है। वर्तमान जनसंख्या के आधार पर इस वर्ग के लोगों की गिनती करने का राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग ने फैसला लिया है। मंगलवार को राजधानी शिमला में राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष रामलोक धनोटिया की अध्यक्षता में आयोग की 261वीं बैठक हुई। बैठक में प्रदेश सरकार से राष्ट्रीय आयोग की तर्ज पर राज्य आयोग के लिए भी सांविधानिक दर्जा देने का आग्रह किया है।
विज्ञापन
पिछली बार वर्ष 1993-94 में आयोग ने ओबीसी वर्ग के लोगों की गणना की थी। उस दौरान इनकी जनसंख्या 8,84,305 थी। इन्हीं आंकड़ों के आधार पर पंचायतों और नगर निकाय चुनाव में ओबीसी का आरक्षण तय होता है। वर्तमान में ओबीसी के लोगों की जनसंख्या में बढ़ोतरी हो गई है। ऐसे में आयोग ने पंचायतीराज विभाग और शहरी विकास विभाग के माध्यम से गांव स्तर पर इस वर्ग की गिनती करवाने का फैसला लिया है। इसके लिए संबंधित विभागों को पत्र जारी कर जल्द नए आंकड़े उपलब्ध करवाने को कहा है। बैठक में अन्य पिछड़ा वर्ग की राज्य सूची का दोबारा निरीक्षण करने का भी फैसला लिया गया।
विज्ञापन