सरकारी स्कूलों के लाखों बच्चों के लिए पोषक तत्वों वाले तेल में पकेगा खाना
सरकारी स्कूलों में पहली से आठवीं कक्षा तक पढ़ने वाले 4.97 लाख बच्चों के लिए अब पोषक तत्वों वाले तेल में दोपहर का भोजन पकेगा। गुरुवार को मुख्य सचिव अनिल कुमार खाची ने सचिवालय में मिड-डे मील योजना की 19वीं राज्य स्तरीय परिचालन व निगरानी समिति की बैठक में शिक्षा विभाग को स्कूली बच्चों को गुणवत्तापूर्ण भोजन देने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने राज्य को योजना के तहत डबल फोर्टिफाइड नमक (आयरन व आयोडीन) और फोर्टिफाइड एडिबल ऑयल (विटामिन ए और डी) के उपयोग का परामर्श दिया है। राज्य में ओपन मार्केट में डबल फोर्टिफाइड एडिबल ऑयल उपलब्ध नहीं है। उन्होंने खाद्य आपूर्ति निगम के अधिकारियों को इसे उचित मूल्य की दुकानों में उपलब्ध करवाने की संभावनाएं तलाशने को कहा है। खाची ने कहा कि प्रदेश में चयनित 3740 सरकारी प्री प्राइमरी स्कूलों में पढ़ने वाले 47 हजार से ज्यादा बच्चों को राज्य के संसाधनों से मिड-डे मील प्रदान किया जाना चाहिए।
उन्होंने शिक्षा विभाग को निर्देश दिए कि अतिरिक्त राशि प्राप्त करने के लिए मामले को केंद्र के समक्ष उठाया जाएं। मुख्य सचिव ने बताया कि राज्य में 15516 प्राथमिक और माध्यमिक विद्यालयों में पहली से आठवीं कक्षा तक 4,97,774 छात्र नामांकित हैं, जिन्हें मिड-डे मील परोसा जा रहा है। योजना के तहत केंद्र और राज्य सरकार 90:10 के अनुपात में पैसा खर्च करती हैं। इस वित्त वर्ष के दौरान केंद्र ने 8586.33 लाख रुपये स्वीकृत किए हैं और राज्य सरकार ने 862.30 लाख रुपये आवंटित किए हैं।
निदेशक प्रारंभिक शिक्षा रोहित जमवाल ने कार्यवाही का संचालन किया। इस अवसर पर अतिरिक्त मुख्य सचिव स्वास्थ्य आरडी धीमान, प्रधान सचिव जनजातीय विकास आेंकार शर्मा, प्रधान सचिव शिक्षा कमलेश कुमार पंत, सचिव वित्त अक्षय सूद, सचिव खाद्य आपूर्ति अमिताभ अवस्थी, प्रबंध निदेशक खाद्य आपूर्ति निगम मानसी सहाय ठाकुर, संयुक्त सचिव पंचायतीराज सुरेंद्र मालटू, नोडल अधिकारी एमडीएम नरेश शर्मा सहित कई अन्य अधिकारी मौजूद रहे।