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दंडवत होकर डीसी दफ्तर पहुंचे नूरपुर स्कूल बस हादसे के पीड़ित

Tue, 11 Sep 2018 10:06 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, धर्मशाला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, धर्मशाला Updated Tue, 11 Sep 2018 10:06 AM IST
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Nurpur School Bus Accident victims parents meet DC Kangra

9 अप्रैल 2018 को नूरपुर निजी स्कूल बस हादसे में मारे गए दो दर्जन से ज्यादा बच्चों के परिजन सोमवार को नम आंखों के साथ दंडवत होकर कांगड़ा के डीसी दफ्तर पहुंचे। हादसे के पांच माह बाद भी न्याय न मिलने से आहत हरेक पीडि़त की जुबान पर एक ही सवाल था कि आखिर उनके बच्चों की मौत के राज से पर्दा कब उठेगा? हादसे के लिए जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई कब होगी? 

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डीसी दफ्तर पहुंचने से पहले सभी पीडि़त परिजन समाजसेवी संजय शर्मा की अगुवाई में कचहरी अड्डा स्थित हनुमान मंदिर के पास एकत्रित हुए। यहां से ये लोग दंडवत होकर डीसी दफ्तर पहुंचे। परिजनों ने एक स्वर में डीसी से हादसे की सीबीआई जांच की मांग की। डीसी संदीप कुमार ने कहा कि हादसे की न्यायिक जांच पर जो प्रश्नचिह्न हैं, उन पर ध्यान दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि मृतक बच्चों के परिजनों ने जो पत्र उन्हें दिया है, उसे सरकार तक पहुंचाया जाएगा।

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मृतक बच्चों के नाम से सुप्रीम कोर्ट को भेजा पत्र

Nurpur School Bus Accident victims parents meet DC Kangra

पीडि़त परिजनों ने डीसी के माध्यम से सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश को मृतक बच्चों के नाम से लिखा पत्र भी भेजा है। पत्र में बच्चों के हवाले से कहा है - हम सिर्फ देख रहे हैं और हमारे परिजन झेल रहे हैं। जिस उम्र में हमने जिंदगी के सबक सीखने थे, उस उम्र में मौत हमें अपना पाठ पढ़ाकर साथ ले गई। सर! हम में से कुछ बच्चे तो ऐसे थे, जो 9 अप्रैल 2018 को पहली बार स्कूल गए थे। सर! आपको आज तक जीवित लोगों के ही पत्र मिले होंगे, शायद यह पहला मौका होगा जब आपको मृत बच्चों की ओर से पत्र मिलेगा। 

न्यायिक जांच पर आपत्ति 
पीडि़त परिजनों ने कहा कि हादसे के बाद करवाई गई न्यायिक जांच से वे संतुष्ट नहीं हैं। जहां हादसा हुआ, वहां सड़क खराब है। डंगा ढह चुका है, लेकिन उसे पुन: नहीं लगाया गया है। सड़क खराब होने के बारे में लोक निर्माण विभाग को तीन बार अवगत करवाया गया, लेकिन दशा नहीं सुधारी गई। परिजनों का कहना है कि हादसे के कारणों में जो भी दोषी हो, उन्हें सजा मिलनी चाहिए।

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