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अब शहरों से गांवों में ट्रांसफर होंगे छह हजार जेबीटी टीचर्स

Fri, 08 May 2015 11:30 AM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला, शिमला
ब्यूरो/ अमर उजाला, शिमला Updated Fri, 08 May 2015 11:30 AM IST
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Now  six thousand JBT Teachers will transfer cities to villages.

शहरों में बरसों से एक ही जगह पर डटे करीब छह हजार जेबीटी शिक्षकों की ट्रांसफर मंत्रिमंडल की मीटिंग में मंजूरी के बाद तय है। 5 से 7 साल तक 10 किलोमीटर के दायरे में ये शिक्षक वर्षों से सेवाएं दे रहे हैं।

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बिलासपुर जिले में जेबीटी टीचरों का पहले ही युक्तिकरण हो चुका है। अब 11 जिलों में युक्तिकरण की प्रक्रिया शुरू हो गई है।
युक्तिकरण के तहत शहरों में डटे शिक्षकों को ग्रामीण क्षेत्रों में भेजा जाएगा।

इन शिक्षकों की तैनाती छात्रों की संख्या के आधार पर होगी। प्रदेश में मौजूदा समय में 22000 जेबीटी, 2097 केंद्र मुख्य शिक्षक और 3300 मुख्य शिक्षक हैं।

कई स्कूल ऐसे हैं, जहां छात्रों की संख्या कम होने के बावजूद 3 से 4 अध्यापक सेवाएं दे रहे हैं जबकि कई स्कूलों में 1 व 2 अध्यापक पहली से पांचवीं कक्षा तक के बच्चों को पढ़ा रहे हैं।
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खंड स्तर पर करें युक्तिकरण

Now  six thousand JBT Teachers will transfer cities to villages.

युक्तिकरण से जेबीटी शिक्षक संघ सरकार के खिलाफ भड़क गया है। संघ के प्रदेशाध्यक्ष लालचंद मेहता ने बताया कि अगर सरकार को युक्तिकरण करना ही था तो ऊपर से नीचे तक किया जाना चाहिए।

उन्होंने कहा कि सेकेंडरी स्कूलों में छात्र कम और शिक्षक ज्यादा हैं। सरकार का ध्यान इस ओर नहीं जा रहा है। उन्होंने कहा कि अगर जेबीटी शिक्षकों का युक्तिकरण करना है तो उसे खंड स्तर पर किया जाए।

हिमाचल प्रदेश मंत्रिमंडल के फैसले से प्रदेश के 12 हजार कर्मचारी नियमित होंगे। लगभग तीन हजार कर्मचारी अंशकालिक से दैनिक वेतनभोगी की श्रेणी में आ जाएंगे, लेकिन इसके लिए भी अभी कर्मचारियों को राज्य सरकार की ओर से अधिसूचना जारी होने का इंतजार करना होगा।

कार्मिक विभाग जल्द जारी करेगा अधिसूचना

Now  six thousand JBT Teachers will transfer cities to villages.

कार्मिक विभाग की ओर से जल्द ही अधिसूचना जारी होने की संभावना है। मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने बजट में 31 मार्च तक पांच साल अनुबंध के आधार पर सेवा पूरी करने वाले कर्मियों को नियमित करने की घोषणा की थी।

इसी तरह की घोषणा सात साल सेवा पूरी करने वाले दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों के लिए भी की गई थी। उन दोनों घोषणाओं को बुधवार को कैबिनेट में ग्रीन सिग्नल मिल गया है। तीन हजार कर्मचारी अंशकालिक से दैनिक वेतन की श्रेणी में आएंगे।
कांग्रेस की ओर से अपने चुनावी घोषणा पत्र में भी इसका वादा किया गया था।

नतीजे ठीक न होने पर शिक्षकों पर गिरेगी गाज
हिमाचल के सरकारी स्कूलों में स्कूल शिक्षा बोर्ड परीक्षा में नतीजे ठीक न होने पर शिक्षकों पर गाज गिरना लगभग तय है। सचिवालय में वरिष्ठ अधिकारियों की इस बारे में बैठक हो चुकी है। बोर्ड में 10वीं और 12वीं के नतीजों का आंकलन किया जाता है।

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रिजल्ट खराब तो टीचरों पर गिरेगी गाज

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इसमें 100 से 80 फीसदी रिजल्ट देने वाले शिक्षकों को सरकार सम्मानित करती है। यह इसलिए ताकि स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता बनी रहे। अतिरिक्त मुख्य सचिव शिक्षा पीसी धीमान ने कहा कि 50 फीसदी से कम नतीजे आने पर नोटिस देने का अभी कोई फैसला नहीं लिया गया है।

शिक्षकों के तबादले को लेकर भी सरकार ने कोई निर्णय नहीं लिया है। दो दिन के भीतर इसका प्रारूप तैयार किया जाएगा।
शिमला। सचिवालय में वीरवार को शिक्षा विभाग के अधिकारियों के साथ हुई बैठक में अतिरिक्त मुख्य सचिव पीसी धीमान ने अफसरों को ज्यादा से ज्यादा इंटरनेट इस्तेमाल करने को कहा है। उन्होंने अफसरों को प्रतिदिन शिक्षा से संबंधित अपडेट रहने के आदेश दिए हैं।


प्रधान सचिव कार्मिक एसकेबीएस नेगी ने कहा कि कैबिनेट नोट आने के बाद अनुबंध और दैनिक वेतनभोगी कर्मियों को नियमित करने के लिए अधिसूचना जारी कर दी जाएगी। इसके बाद हर विभाग अपने स्तर पर नियमित करने की प्रक्रिया शुरू करेंगे।

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