कर्मचारियों के लिए बड़ी खबर, तय अवधि से पहले निकाल सकेंगे जीपीएफ
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हिमाचल प्रदेश में सेवानिवृत्त कर्मचारी तय अवधि से पहले जीपीएफ निकाल सकेंगे। हिमाचल सरकार के वित्त विभाग ने सभी विभागाध्यक्षों को जारी किए हैं। पहले जीपीएफ को केवल एक साथ निकालने की ही व्यवस्था थी।
राज्य सरकार के वित्त विभाग ने ये आदेश सभी प्रशासनिक सचिवों और विभागाध्यक्षों को जारी किए हैं। इन आदेशों में साफ किया गया है कि राज्य सरकार के विभाग इस बारे में बार-बार रिफ्रेंस मांगे जा रहे हैं।
वित्त विभाग ने स्पष्ट किया है कि जो कर्मचारी सेवानिवृत्ति के छह महीने बाद भी अपने जीपीएफ खातों को जारी रखते हैं, वे बीच में भी कम धनराशि को विदड्रा कर सकेंगे। उनके लिए एक साथ सारी रकम निकालने की बाध्यता नहीं होगी।
हिमाचल में बहुत से कर्मचारी जीपीएफ को सेवानिवृत्ति के बाद लंबे समय तक इसलिए नहीं निकालते हैं कि एक तो उन्हें इस पर ब्याज मिलती है। दूसरा ये भी उन्हें लाभ मिलता है कि उन्हें टैक्स में भी रियायत मिलती है। अतिरिक्त मुख्य सचिव वित्त श्रीकांत बाल्दी ने नई व्यवस्था की पुष्टि की है।
इन कर्मचारियों के पांच फीसदी अंतरिम राहत जारी
एचपीएमसी ने भी अपने कर्मचारियों के लिए अगस्त माह में पांच फीसदी अंतरिम राहत जारी करने का निर्णय लिया है। प्रबंध निदेशक जेसी शर्मा ने जानकारी दी है कि शिमला में एचपीएमसी के निदेशक मंडल की 185वीं बैठक की अध्यक्षता बागवानी मंत्री विद्या स्टोक्स ने की।
इसमें कई निर्णय लिए गए। इंडियन ऑयल कारपोरेशन के साथ एचपीएमसी ने जड़ोल टिक्कर और परवाणू में पेट्रोल पंपों को खोलने का भी फैसला लिया। आईओसी के साथ 150 रिटेल आउटलेटों पर एचपीएमसी का जूस और अन्य उत्पादों को बेचने का भी समझौता करने का निर्णय लिया गया।
ये पंजाब, जम्मू और हिमाचल प्रदेश में खोले जाएंगे। एक फैसला ये लिया गया कि बोर्ड रामपुर के ननखड़ी और चौपाल के दुरला में दो सीए स्टोर खोलेगा। इनमें प्रत्येक की क्षमता 700 मीट्रिक टन की होगी। बोर्ड ने 100 प्रोक्यूरमेंट सहायकों की तीन महीने के लिए आउटसोर्सिंग से तैनाती करने का निर्णय लिया।
हिमुडा के कर्मचारियों को 5 फीसदी अंतरिम राहत
राज्य सरकार की तर्ज पर अब हिमुडा के कर्मचारियों को भी 5 फीसदी अंतरिम राहत राशि मिलेगी। वीरवार को सचिवालय में बीओडी की बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। यह राहत राशि पहली अगस्त से मिलेगी। बैठक की अध्यक्षता शहरी विकास मंत्री सुधीर शर्मा ने की।
निदेशक मंडल ने हिमुडा की बकाया देनदारियों को एकमुश्त अदा करने के लिए योजना को स्वीकृति प्रदान की है। इसके तहत दंड ब्याज पर 9 प्रतिशत छूट और 31 मार्च, 2017 तक यदि कोई मरम्मत लागत होती है तो इसके ब्याज पर भी 9 प्रतिशत छूट के साथ एकमुश्त देय लागत शामिल है।
बैठक में सोलन जिला के धर्मपुर में आंशिक स्व वित्त पोषित योजना के तहत 48 फ्लैटों के निर्माण और आंतरिक एवं बाह्य सेवाओं सहित 28 प्लाटों के विकास के लिए प्रशासनिक मंजूरी एवं व्यय स्वीकृति प्रदान की गई।
सिरमौर जिले की राजगढ़ तहसील के मुहाल धरोटी में सरकारी भूमि का हस्तांतरण आवासीय विभाग और इसका कब्जा हिमुडा को आवासीय परियोजनाओं नगर निर्माण के लिए मामला राज्य सरकार को प्रस्तुत करने की मंजूरी प्रदान की गई।
इसके अतिरिक्त सिरमौर जिला की पच्छाद तहसील के मुहाल मोहर में सरकारी भूमि को शैक्षणिक केंद्र, चिकित्सा स्वास्थ्य सुविधाएं और खेल गतिविधियां स्थापित करने के लिए आवासीय विभाग के पक्ष में हस्तांतरण करने का मामला राज्य सरकार को सौंपने की भी स्वीकृति प्रदान की गई। निदेशक मंडल ने डाटा आधारित वेब पोर्टल विकसित करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी। हिमुडा में सीधी भर्ती से अनुबंध पर अनुबंधित राशि पर लोक सेवा आयोग के माध्यम से एक सहायक प्रारूपकार के पद को भरने को स्वीकृति दी गई।