PTA शिक्षकों को झटका, अनुबंध पर आने की उम्मीद टूटी, ये रही वजह
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हिमाचल प्रदेश में पीटीए के तहत नियुक्त 1500 से ज्यादा शिक्षकों को अनुबंध पर नहीं लाया जाएगा। कानूनी राय लेने के बाद सरकार ने इन शिक्षकों को बड़ा झटका देते हुए सशर्त कांट्रेक्ट पर लेने से मना कर दिया है।
भरपाई के लिए अब सरकार इन पीटीए शिक्षकों को वेतन बढ़ोतरी का तोहफा दे सकती है। पंकज कुमार केस में सुप्रीम कोर्ट के फैसले के मद्देनजर प्रदेश सरकार ने कदम उठाया है। पीटीए शिक्षकों का मामला बीते दो साल से सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन था।
फरवरी 2017 में सुप्रीम कोर्ट के फैसला आने के बाद पीटीए शिक्षक संघर्ष मंच ने सरकार से मामला हल होने तक कंडिशनल कांट्रेक्ट पर लेने की मांग की थी। इसको लेकर सरकार ने दिल्ली तक कानूनविदों से राय ली।
वकीलों की राय के बाद बंद कर दी फाइल
सरकार के वकीलों ने विभाग को स्पष्ट किया है कि पीटीए शिक्षकों को अनुबंध पर नहीं लिया जा सकता। इनके वेतन में बढ़ोतरी करने को सरकार स्वतंत्र है। कानूनी राय मिलने के बाद सरकार ने अब पीटीए शिक्षकों को अनुबंध पर लाने की फाइल को बंद कर दिया है। कानूनी राय में सरकार को बताया गया है कि भविष्य में नियमों के तहत ही भर्तियां की जाएं।
बता दें कि 2013 में बनी पीटीए शिक्षकों के नियमितीकरण की पॉलिसी के तहत 7000 में से 5500 शिक्षकों को अनुबंध पर लाया गया था। अन्य शिक्षक हाईकोर्ट चले गए। शिक्षकों के पक्ष में फैसला आने के बाद इसे सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई। यह मामला अभी सुप्रीम कोर्ट में चल रहा है।