अब मीटर रीडिंग से आएगा पानी का बिल, पढ़ें एमसी के ये फैसले
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
नगर निगम शिमला नए साल से पानी के करीब बाईस हजार उपभोक्ताओं को बड़ी राहत देगा। जनवरी से नगर निगम शिमला मीटर रीडिंग पर ही पानी के बिल देगा। नगर निगम दिसंबर में पूरे शहरभर के 25 वार्डों में खराब पड़े पानी के मीटरों की मरम्मत का कार्य पूरा कर लेगा।
जनवरी से सैहब सोसायटी के कर्मियों और अपने जल शाखा के कर्मियों को मीटर रीडिंग और बिल वितरण के कार्य में लगाएगा। यह फैसला नगर निगम की शनिवार को हुई बैठक में लिया गया। इसे सभी मौजूद पार्षदों ने अपनी सहमति दी। हाउस ने नगर निगम एफसी और पीसी की सभी वार्डों में किए जाने वाले सीवेज और पानी की लाइन बिछाने के करीब बीस करोड़ के प्रस्तावों को भी अंतिम मंजूरी दे दी है।
अब इन स्वीकृत प्रस्तावों के आधार पर टेंडर प्रक्रिया शुरू की जाएगी। नगर निगम के मीटर रीडिंग पर पानी के बिल देने के इस फैसले से शहर भर के करीब बाईस हजार उपभोक्ताओं को राहत मिलेगी। चूंकि अभी तक नगर निगम खराब पड़े मीटरों और स्टाफ की कमी के चलते एवरेज औसत के आधार पर पानी के बिल की वसूली कर रहा है।
इसमें परिवार के एक सदस्य और दस सदस्यों को एक समान औसत के आधार पर बिल देना पड़ रहा है। मीटर से बिल जनरेट किए जाने पर अब उपभोक्ताओं को पानी के इस्तेमाल के मुताबिक ही बिल की अदायगी करनी है। इससे उपभोक्ताओं को राहत मिलेगी। बैठक में मौजूद ग्रेटर शिमला वाटर सप्लाई एंड सीवरेज सर्कल के एसई धर्मेंद्र गिल ने कहा कि पुराने मीटर बदलने के कार्य को टेंडर किए जा रहे हैं। इसे तय समय में पूरा कर लिया जाएगा।
सदन में ये भी हुए फैसले
नगर निगम सदन की बैठक में निगम की अपनी गाड़ियों की मरम्मत के कार्य के लिए दाड़नी का बागीचा में अपना वर्कशॉप बनाकर सैहब सोसायटी में आईटीआई प्रशिक्षित दो चालकों और एक सुपरवाइजर को तैनात किया जाएगा। इनके वेतन बढ़ोतरी पर एजीएम में फैसला होगा। मेयर ने सभी पार्षदों से अपने-अपने वार्ड में जरूरत के हिसाब से लगाए जाने वाले खंभों के प्रस्ताव जमा करवाने को कहा। सदन में खलीनी की पार्किंग में बनी कैंटीन मालिक से हजारों रुपये किराया वसूलने का निर्णय लिया।
15 तक लिए जाएंगे 500 के पुराने नोट
सदन ने नोटबंदी के कारण उपभोक्ताओं को पेश आ रही दिक्कत को देखते हुए पानी के बिल भुगतान की तिथि एक महीना बढ़ा दी है। दिसंबर तक भुगतान किया जा सकता है। साथ ही 500 रुपये के पुराने नोट से पानी का बिल भी दिया जा सकता है। बिल अदायगी में 500 रुपये के नोट 15 दिसंबर तक लिए जा सकेंगे। इसके बाद पुराने नोट नहीं लिए जाएंगे। साथ ही पानी बिल भुगतान की
वाटर बिलिंग साफ्टवेयर जल्द होगा अपडेट
सदन में मेयर संजय चौहान ने कहा कि पानी बिलिंग के सॉफ्टवेयर को जल्द अपडेट कर दिया जाएगा। इसके लिए सरकारी उपक्रम एनआईसी के साथ करार हुआ है। जो नगर निगम के 22 माडयूल्य के लिए साफ्टवेयर तैयार कर रहा है। सॉफ्टवेयर के अपडेट होने से उपभोक्ताओं के बिलों में सरचार्ज और अन्य किसी तरह से पेश आने वाली गड़बड़ियां अपने आप दूर हो जाएंगी।
टॉवर लगाने को एमसी की अनुमति अनिवार्य
टेलीकॉम कंपनियों को अब नगर निगम क्षेत्र में टॉवर लगाने से पूर्व नगर निगम से अनुमति लेनी अनिवार्य की जाएगी। शनिवार को पार्षद कांता स्याल के सवाल के जवाब में मेयर संजय चौहान ने कहा कि नगर निगम सभी टेलीकॉम कंपनियों को पत्र लिखेगा कि वे टॉवर लगाने से पूर्व नगर निगम को आवेदन कर अनुमति लें। इसे अनिवार्य किया जाएगा। उसके बाद नगर निगम क्षेत्र और भवन का निरीक्षण करवाकर टॉवर लगाने को अनुमति देगा। इसमें सरकार की 2006 की पॉलिसी की शर्तों को भी ध्यान में रखा जाएगा।
इन मामलों पर भी हुई चर्चा
सदन में पार्षद संजय परमार ने फोरेस्ट राइट कमेटियों के मामलों को निपटाने में हो रही देरी से विकास कार्य रुकने का मामला उठाया। मेयर ने संयुक्त आयुक्त को निर्देश दिए कि पंद्रह दिनों में सभी वार्ड के फोरेस्ट क्लीयरेंस के मामलों को लेकर बैठक बुलाकर निपटाएं।
दुकानों के किराये पर अगले सदन में चर्चा
नगर निगम की पूरे शहर भर में लीज एग्रीमेंट के आधार पर किराये पर दी गई करीब एक हजार दुकानों के किराया बढ़ोतरी और लीज रिन्यू मामले को अगली सदन की बैठक में ले जाने का फैसला लिया गया। इसमें सभी पार्षदों ने सहमति जताई।
पार्षदों ने उठाए कार्य में देरी के मामले
पार्षद मनोज कुठियाला सहित सरोज ठाकुर, कला शर्मा और अन्य पार्षदों ने कहा कि उनके वार्ड में सीवरेज और पानी की लाइन बिछाने के कार्य में देरी हो रही है। कुछ काम अभी तक शुरू ही नहीं हुए हैं। एसई धर्मेंद्र गिल ने कहा कि अब तक 22 कार्य अवार्ड हो चुके है। मेयर ने एसई और संयुक्त आयुक्त प्रशांत सरकैक से कहा कि वे पार्षद से समय लेकर वार्ड का दौरा करें। पेश आ रही अड़चनों का पता लगा दूर करवाएं।
स्ट्रीट वेंटर को पुनर्स्थापित किया जाए
पार्षद सुशांत कपरेट ने हर वार्ड में स्ट्रीट वेंडर को स्ट्रीट वेंडर एक्ट के तहत पुनर्स्थापित किए जाने में की जा रही देरी का मामला उठाया। कहा कि साढ़े चार साल में सिर्फ कमेटियां ही बनी। इससे वार्ड में समस्याएं पेश आ रही हैं। संयुक्त आयुक्त ने कहा कि वार्डों के दौरे किए जा चुके हैं। नक्शे भी वार्ड वाइज बन चुके हैं। टाउन वेंडिंग कमेटी सभी वार्ड का प्लान बना चुकी है। अब यूडी से पंजीकृत वेंडर को लाइसेंस मिलेंगे तो प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।
नहीं बढ़ेंगे पानी के रेट
पार्षद अनुप वैद्य ने सवाल उठाया कि जनवरी से मीटर रीडिंग पर पानी बिल लिए जाने की प्रक्रिया शुरू होने के बाद पानी की दरों में बदलाव होगा या नहीं। इस पर संयुक्त आयुक्त ने कहा कि दरें बढ़ेंगी या नहीं यह मामला वित्त संविदा समिति में लाया जाएगा। उसी में फैसला हो सकेगा। फिलहाल दरों में बढ़ोतरी नहीं होगी। पार्षद रजनी ने अस्थायी 150 सफाई कर्मचारियों के कार्यकाल को बढ़ाने और उन्हें स्थायी रूप से नियुक्ति दिए जाने का मामला उठाया।